आज त्रयोदशी तिथि 10:48 AM तक उपरांत चतुर्दशी | नक्षत्र चित्रा 05:52 AM तक उपरांत स्वाति | प्रीति योग 03:27 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग | करण वणिज 10:48 AM तक, बाद विष्टि 11:05 PM तक, बाद शकुनि | आज राहु काल का समय 09:25 AM - 10:47 AM है | आज 05:15 PM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा |विक्रम संवत - 2083, सिद्धार्थि

  1. शक सम्वत - 1948, पराभव

  2. पूर्णिमांत - कार्तिक

  3. अमांत - आश्विन

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष त्रयोदशी  

    - Nov 06 10:30 AM – Nov 07 10:48 AM

  2. कृष्ण पक्ष चतुर्दशी  

    - Nov 07 10:48 AM – Nov 08 11:28 AM

नक्षत्र

  1. चित्रा - Nov 07 04:43 AM – Nov 08 05:52 AM

  2. स्वाति - Nov 08 05:52 AM – Nov 09 07:24 AMकरण

    1. वणिज - Nov 06 10:37 PM – Nov 07 10:48 AM

    2. विष्टि - Nov 07 10:48 AM – Nov 07 11:05 PM

    3. शकुनि - Nov 07 11:05 PM – Nov 08 11:28 AM

    योग

    1. प्रीति - Nov 07 04:09 AM – Nov 08 03:27 AM

    2. आयुष्मान - Nov 08 03:27 AM – Nov 09 03:02 AM

    वार

    1. शनिवार

    त्यौहार और व्रत

    1. काली चौदस

    2. मास शिवरात्रि

    सूर्य और चंद्रमा का समय

    1. सूर्योदय - 6:39 AM

    2. सूर्यास्त - 5:41 PM

    3. चन्द्रोदय - Nov 07 4:39 AM

    4. चन्द्रास्त - Nov 07 4:18 PM

    अशुभ काल

    1. राहू - 9:25 AM – 10:47 AM

    2. यम गण्ड - 1:33 PM – 2:56 PM

    3. कुलिक - 6:39 AM – 8:02 AM

    4. दुर्मुहूर्त - 08:07 AM – 08:51 AM

    5. वर्ज्यम् - 01:06 PM – 02:47 PM

    शुभ काल

    1. अभिजीत मुहूर्त - 11:48 AM – 12:32 PM

    2. अमृत काल - 11:09 PM – 12:49 AM

    3. ब्रह्म मुहूर्त - 05:03 AM – 05:52 AM

    आनन्दादि योग

    1. काण Upto - 05:52 AM

    2. सिद्धि

    सूर्या राशि

    1. सूर्य तुला राशि पर है

    चंद्र राशि

    1. चन्द्रमा नवम्बर 07, 05:15 PM तक कन्या राशि उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा

    चन्द्र मास

    1. अमांत - आश्विन

    2. पूर्णिमांत - कार्तिक

    3. शक संवत (राष्ट्रीय कलैण्डर) - कार्तिक 16, 1948

    4. वैदिक ऋतु - शरद

    5. द्रिक ऋतु - हेमंत

    Auspicious Yogas

    1. सर्वार्थसिद्धि योग - Nov 08 05:52 AM - Nov 08 06:40 AM (Swati and Saturday)

    Chandrashtama

    1. 1. Dhanishta Last 2 padam, Shatabhisha , Purva Bhadrapada First 3 padam.