भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में जल्द ही पर्यटकों को एक नया आकर्षण देखने को मिल सकता है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो यहां गेंडा विचरण करता नजर आएगा। वन विहार के उप संचालक वीरेंद्र सिंह के अनुसार जू एनिमल एक्सचेंज स्कीम के तहत काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से एक गेंडा भोपाल लाया जाएगा। इसके बदले में वन विहार से चार मगरमच्छ काजीरंगा भेजे जाएंगे। इस प्रस्ताव को जू अथॉरिटी से मंजूरी मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि काजीरंगा भेजे जाने वाले मगरमच्छ को मुख्य बाड़े से निकालकर अलग बाड़े में विशेष निगरानी में रखा गया है। जैसे ही असम सरकार को इनकी शिफ्टिंग की अंतिम अनुमति मिल जाएगी, उन्हें रवाना कर दिया जाएगा। इधर, वन विहार में गेंडे के लिए तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई हैं। तितली पार्क के सामने मजबूत बाउंड्री वाल के साथ विशेष बाड़ा तैयार किया गया है, जहां गेंडे को रखा जाएगा।
संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही वन विहार आने वाले पर्यटक गेंडे को करीब से देख सकेंगे, जिससे पार्क की आकर्षण क्षमता और बढ़ेगी। बता दें कि असम में स्थित काजीरंगा उद्यान अपने एक सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध है। यह दुनिया के एक सींग वाले गैंडों की लगभग 35 प्रतिशत आबादी का घर है।
दुनिया भर में अपनी तरह का अनोखा और इकलौता शहरी नेशनल पार्क वन विहार राष्ट्रीय उद्यान अपनी खास बनावट और लोकेशन के कारण लोगों में हमेशा जिज्ञासा का केंद्र बना रहता है। शहर के बीचोंबीच स्थित इस उद्यान में सड़क किनारे ही जंगली जानवरों का सहज दीदार हो जाना यहां आने वालों के लिए एक रोमांचक अनुभव बन जाता है।
सहायक संचालक वीरेंद्र सिंह के अनुसार वन विहार में करीब 1400 शाकाहारी जानवर हैं। इनमें सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर और काले हिरण विचरण करते दिखाई दे जाते हैं। यहां पांच शेर, 13 बाघ, 14 भालू, 19 तेंदुए और एक हायना को पहाड़ी क्षेत्र के विशेष बाड़ों में सुरक्षित रखा गया है।