डीएमके के गढ़ पेरंबूर से एक्टर विजय लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, जानिए क्या है TVK की रणनीति
Updated on
24-02-2026 01:33 PM
चेन्नई : पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे एक्टर विजय चेन्नई नॉर्थ की पेरंबूर विधानसभा सीट से डीएमके को चुनौती देंगे। तमिलगा वेत्री कडगम के जनरल सेक्रेट्री आधव अर्जुन ने रविवार को इस फैसले ऐलान किया। चेन्नई नॉर्थ डीएमके का किला है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि टीवीके चीफ विजय ने तगड़ी रणनीति के तहत पेरंबूर सीट चुनी है। विजय ने पूरे राज्य में अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संदेश दिया है कि डीएमके से मुकाबले के लिए वह ताकत झोंकने को तैयार हैं। अगर विजय का दांव चल गया तो चुनाव में इसका असर पूरे राज्य में दिखेगा।
2011 में डीएमके को लगा था नॉर्थ चेन्नई में झटका
चेन्नई नॉर्थ लोकसभा सीट में 6 विधानसभा सीटें हैं। थिरुवोट्टीयूर, डॉ.राधाकृष्ण नगर, पेरंबूर, कोलाथूर, थिरू वि का नगर, रोयापुरम। इन सभी 6 विधानसभा सीटों पर डीएमके का कब्जा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी डीएमके के कलानिधि वीरास्वामी ने 55 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल कर डीएमके के दबदबे को और मजबूत किया था। सिर्फ 2011 के विधानसभा चुनाव में डीएमके को चेन्नई नॉर्थ में हार का सामना करना पड़ा था और पार्टी को सिर्फ कोलाथुर सीट से संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा हर चुनाव में डीएमके ने कम से कम 3 सीटें जीती हैं।
पेरंबूर विधानसभा सीट रही है डीएमके का गढ़
पेरंबूर विधानसभा सीट पर डीएमके ने 1967 में पहली बार जीत हासिल की। 1991 में AIADMK ने पहली बार पेरंबूर से जीती। 2016 में यह सीट दूसरी बार AIADMK के पास गई। बीच में 15 साल 2001 से 2016 तक यह सीट डीएमके के गठबंधन पार्टनर सीपीएम के पास रही। कुल मिलाकर यह विधानसभा भी डीएमके का पारंपरिक गढ़ ही है। नॉर्थ चेन्नई में कोलाथुर विधानसभा सीट भी है, जहां से सीएम एम के स्टालिन चुनाव लड़ते हैं। स्टालिन के चुनाव लड़ने के कारण आसपास की सीटों पर डीएमके को सपोर्ट मिलता है। टीवीके नेता विजय ने पेरंबूर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर स्टालिन के दांव को उनके खिलाफ आजमा दिया है।
जानिए विजय ने क्यों चुना पेरंबूर विधानसभा
चेन्नई नॉर्थ तमिलनाडु की राजधानी का ऐसा इलाका है, जहां कई संस्कृति एक साथ रचती-बसती है। यहां लोकल के अलावा तमिलनाडु के दूसरे क्षेत्र से आए लोगों की अच्छी खासी तादाद है। मुस्लिम और क्रश्चियन वोटर भी हैं। एक्टर विजय के पिता क्रिश्चियन और मां हिंदू हैं। उनके फैन हर जाति और धर्म के हैं। अमीर से गरीब तक उनकी लोकप्रियता है। उनकी रैलियों में युवाओं और महिलाओं की भीड़ उमड़ती है। पेरंबूर में विजय की मौजूदगी डीएमके के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। राजनीतिक एक्सपर्ट मानते हैं कि डीएमके के पास मुफ्त की योजनाओं और कैश डिलिवरी वाली स्कीम है। मुकाबला स्टारडम और स्कीम के बीच है। नॉर्थ चेन्नई में जीतने वाली पार्टी सरकार बनाती है।
मुंबई: सेक्सटॉर्शन के एक मामले में कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जम्मू कश्मीर की महिला क्रिकेटर, उसके भाई और उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार…
पटना: दिल्ली से ग्रीन सिग्नल लेकर लौटे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आने वाले एक सप्ताह के भीतर अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार कर देंगे। जाहिर है जातीय और क्षेत्रीय संतुष्टिकरण पर…
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई। जिले के सुमन नगर में सिंचाई विभाग…
प्रतापगढ़: जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। यूपी के प्रतापगढ़ में कुंडा से 1993 से लगातार विधायक चुने जा रहे…
पटना: पापा-मम्मी! दिन रात पढ़ाई करने के बाद भी रिजल्ट नहीं आ पा रहा है। इसलिए हम बाध्य होकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है... पटना में…
शाजापुर: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब अपनी उपज बेचने आए किसानों का धैर्य जवाब दे गया। ग्राम खरदौनकलां…
पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर विवादों में घिर गए हैं। पप्पू यादव के बयान को जेडीयू हमलावर हो…
पटना: न्याय यात्रा, विकास यात्रा और समृद्धि यात्रा। इनके नाम पर जनता के मर्म को समझने और राज्य सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने का सफर है। नीतीश कुमार अब अपनी यात्रा का…