Select Date:

अयोध्या-काशी के बाद संघ की नजर मथुरा पर, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मोहन भागवत के दौरों के मायने जानिए

Updated on 08-04-2026 11:54 AM
लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। चुनाव से पहले संघ की नजर अयोध्‍या और काशी के बाद अब मथुरा पर है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को मथुरा में थे। 15 दिनों के भीतर यह उनका दूसरा मथुरा दौरा है। इस साल जनवरी से अब तक वह तीन बार यहां आ चुके हैं। यह दौरा आरएसएस की उस रणनीति को बताता है जिसके तहत वह ब्रज क्षेत्र को अगले विधानसभा चुनावों से पहले वैचारिक एकीकरण और सांगठनिक विस्तार का केंद्र बनाना चाहता है।

जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी राजेंद्र दास के नेतृत्व वाले सनातन संस्थान मलूक पीठ में मलूक दास जयंती कार्यक्रम में मोहन भागवत की उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं थी। इस उपस्थिति ने ब्रज क्षेत्र के धार्मिक नेतृत्व के साथ संघ के जुड़ाव को जगजाहिर किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मलूक पीठ पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि मोहन भागवत का यह दौरा इस पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण हो जाता है कि मथुरा को अयोध्या और काशी के साथ हिंदू सभ्यतागत त्रिकोण के हिस्से के रूप में पेश किया जा रहा है।


मथुरा को दीर्घकालिक वैचारिक प्रयोगशाला मान रहा संघ

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जहां अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन का राजनीतिक समापन पहले ही हो चुका है और वाराणसी का पुनर्विकास के माध्यम से कायाकल्प किया गया है, वहीं मथुरा सांस्कृतिक अस्मिता की अगली सीमा का प्रतिनिधित्व करता है। सूत्रों ने बताया कि संघ मथुरा को केवल एक बार के लामबंदी स्थल के रूप में नहीं, बल्कि हिंदू समुदाय को एकजुट करने के लिए एक दीर्घकालिक वैचारिक प्रयोगशाला के रूप में देख रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यूपी बीजेपी अपने कैडर में अनुशासन कड़ा करने, संगठन और सरकार के बीच की खाई को पाटने और बूथ-स्तर के नेटवर्क को सक्रिय करने के लिए एक सांगठनिक फेरबदल की प्रक्रिया में है, और साथ ही विपक्ष का मुकाबला करने की तैयारी भी कर रही है।

24 मार्च और 4 जनवरी को भी मथुरा आए थे संघ प्रमुख

आपको बता दें कि इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत बीते 24 मार्च को जीवन दीप आश्रम के उद्घाटन के लिए मथुरा आए थे। उस समय उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी थे। उससे पहले, RSS प्रमुख 4 जनवरी को सात दिवसीय दौरे पर मथुरा आए थे, जहां उन्होंने केशव धाम में RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। इस दौरान उन्होंने अवैध प्रवासन की आलोचना की थी। उन्‍होंने लोगों से घुसपैठियों की पहचान करने तथा अधिकारियों को उनकी सूचना देने के लिए उन पर नजर रखने को कहा था। यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानी गई, जहां अवैध प्रवासन एक ज्वलंत मुद्दा रहा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 April 2026
चमोली, चारधाम यात्रा के पांचवें दिन आज चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से खोल दिए गए हैं। सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के द्वार खुलते ही…
 23 April 2026
मुंबई: सेक्सटॉर्शन के एक मामले में कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जम्मू कश्मीर की महिला क्रिकेटर, उसके भाई और उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार…
 23 April 2026
पटना: दिल्ली से ग्रीन सिग्नल लेकर लौटे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आने वाले एक सप्ताह के भीतर अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार कर देंगे। जाहिर है जातीय और क्षेत्रीय संतुष्टिकरण पर…
 23 April 2026
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई। जिले के सुमन नगर में सिंचाई विभाग…
 22 April 2026
प्रतापगढ़: जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। यूपी के प्रतापगढ़ में कुंडा से 1993 से लगातार विधायक चुने जा रहे…
 22 April 2026
पटना: पापा-मम्मी! दिन रात पढ़ाई करने के बाद भी रिजल्ट नहीं आ पा रहा है। इसलिए हम बाध्य होकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है... पटना में…
 22 April 2026
शाजापुर: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब अपनी उपज बेचने आए किसानों का धैर्य जवाब दे गया। ग्राम खरदौनकलां…
 22 April 2026
पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर विवादों में घिर गए हैं। पप्पू यादव के बयान को जेडीयू हमलावर हो…
 22 April 2026
पटना: न्याय यात्रा, विकास यात्रा और समृद्धि यात्रा। इनके नाम पर जनता के मर्म को समझने और राज्य सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने का सफर है। नीतीश कुमार अब अपनी यात्रा का…
Advt.