किसानों को किया जा रहा प्रोत्साहित
खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए भारत सरकार किसानों को तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। भारत में सरसों महत्वपूर्ण तिलहन फसल है। इसकी बुवाई रबी (सर्दियों) के मौसम में की जाती है। इस साल अच्छी बारिश और जमीन में पर्याप्त नमी होने से किसानों को सरसों की खेती के लिए अनुकूल माहौल मिला है।चीन की ओर से खली की बढ़ती मांग भारत के किसानों के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। सरसों की खली का इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा पशुधन उत्पादक है। उसे अपने पशुओं के लिए प्रोटीन युक्त चारे की भारी जरूरत रहती है। भारत से रेपसीड मील का निर्यात बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है। इससे वे सरसों की खेती के प्रति और भी उत्साहित हो रहे हैं।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि सरसों तेल सोयाबीन तेल की तुलना में स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है। इसलिए, घरेलू बाजार में भी सरसों तेल की मांग बढ़ रही है। किसानों के लिए यह दोहरा लाभ है।


