भोपाल। प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार रात गरज-चमक के साथ हुई वर्षा ने आम आदमी को जहां तेज गर्मी से राहत दी, लेकिन किसानों को चिंता में डाल दिया है। ग्वालियर-चंबल अंचल सहित प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी, वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिसने गेहूं की फसल पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी चार दिनों (आठ अप्रैल) तक ओलावृष्टि, तेज आंधी और बारिश की आशंका जताई है, ऐसे में अन्नदाता की नींद उड़ी हुई है।
जानकारों का कहना है कि ओले न भी गिरे तो भी तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने संबंधित जिला के कलेक्टरों को फसल नुकसान का आंकलन कराने के निर्देश दिए हैं।
सात अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है।
मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि फसलों के साथ आमजन को हुई क्षति का आकलन करवाएं ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सहायता और राहत उपलब्ध कराई जा सके। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ राजगढ़, रायसेन, बैतूल जिलों में भी आंधी, वर्षा और ओलावृष्टि से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है