जयप्रकाश कुलकर्णी और उनकी कंपनी फार्मा सर्च आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड ने पिछले साल हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका मुंबई में बैंक ऑफ बड़ौदा की वर्ली ब्रांच में अकाउंट था। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उनके पंजीकृत ईमेल पते या फोन नंबर पर कोई सूचना दिए बिना अक्टूबर 2022 में कुछ 'लाभार्थियों' को उनके बैंक खाते में जोड़ दिया गया। 2 अक्टूबर, 2022 को सार्वजनिक अवकाश के दिन ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से कई किस्तों में उनके अकाउंट से 76 लाख रुपये डेबिट किए गए। उन्होंने कहा कि डेबिट के एक घंटे के भीतर उन्होंने वर्ली पुलिस साइबर सेल को इस अवैध लेनदेन की सूचना दी। हाई कोर्ट ने भी माना कि साइबर सेल की रिपोर्ट दिखाती है कि याचिकाकर्ता ने कोई लापरवाही नहीं की।


