बजट में कैंसर की दवाओं पर छूट से केवल एक कंपनी को होगा फायदा! रॉकेट बना शेयर
Updated on
25-07-2024 04:35 PM
नई दिल्ली: हाल में पेश बजट में कैंसर की तीन दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने की घोषणा की थी। लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि इससे केवल एक मल्टीनेशनल कंपनी एस्ट्राजेनेका को ही फायदा होगा। उनका कहना है कि यह छूट कैंसर दवाओं की पूरी कैटगरी या क्लास पर लागू नहीं होती है और इससे प्रत्येक शीशी/स्ट्रिप पर औसतन 18,000 रुपये का मामूली फायदा होगा। पिछले दो दिनों में एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया के शेयरों में बीएसई पर 13% से अधिक तेजी आई है। हालांकि आज शुरुआती कारोबार में इसमें एक फीसदी से अधिक गिरावट देखी जा रही है। सुबह 10.15 बजे यह 1.40% की गिरावट के साथ 6977.25 अंक पर ट्रेड कर रहा है।
फार्मा इंडस्ट्री, पेशंट ग्रुप और बायोकॉन जैसी घरेलू फार्मा कंपनियों ने कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं पर जीएसटी हटाने की मांग की है। उनका तर्क है कि इससे मरीजों और हेल्थकेयर सिस्टम को अधिक प्रभावी ढंग से सहायता मिलेगी। एक एमएनसी कंपनी के अधिकारी ने कहा कि कस्टम ड्यूटी में छूट सभी कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की सभी इंपोर्टेड दवाओं पर लागू की जानी चाहिए। इसे केवल एक कैटगरी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। बजट में कैंसर की तीन दवाओं Trastuzumab Deruxtecan, Osimertinib और Durvalumab को 10% सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। Trastuzumab Deruxtecan स्तन कैंसर की दवा है, Osimertinib फेफड़ों के कैंसर की दवा है और Durvalumab फेफड़ों और पित्त नली के कैंसर के इलाज में काम आती है।
दोहरी मार
बायोकॉन और बायोकॉन बायोलॉजिक्स की अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि तीन कैंसर दवाओं पर सीमा शुल्क हटाने से कैंसर रोगियों को राहत मिलेगी। हालांकि, सरकार को कैंसर के इलाज को रोगियों के लिए अधिक किफायती बनाने के लिए सभी कैंसर दवाओं के लिए जीएसटी छूट पर विचार करना चाहिए। अभी मरीजों को 10% के सीमा शुल्क और 12% के जीएसटी के साथ दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। इससे आयातित दवाओं की कीमत में काफी बढ़ोतरी हो रही है। फिक्की के एक प्रतिनिधि ने कहा कि हम कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की सभी दवाओं पर सीमा शुल्क माफ करने और दवाओं पर जीएसटी में कमी का सरकार से फिर से अनुरोध करेंगे।
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