भोपाल। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई आज भी पुराने और जर्जर उपकरणों के भरोसे चल रही है। खासकर एनाटॉमी जैसे सबसे जरूरी विषय के लिए कॉलेजों में आधुनिक उपकरणों की भारी कमी है।
एमबीबीएस का नया सत्र अगस्त से शुरू हो जाएगा, लेकिन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के तहत अनिवार्य 3डी मॉडल, सिमुलेटर और डिजिटल डिसेक्शन टेबल कई कॉलेजों में अभी तक नहीं पहुंचे हैं।