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खत्म होगा 10 साल का इंतजार! हाई कोर्ट अगले सप्ताह सुना सकता है फैसला

Updated on 01-06-2026 02:17 PM

भोपाल। पदोन्नति नियम- 2025 को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर अगले सप्ताह निर्णय सुना सकता है। मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने इसी वर्ष 17 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि 90 दिन से अधिक समय तक फैसला सुरक्षित नहीं रखा जाना चाहिए।

रुकी नियुक्तियां और सामान्य प्रशासन विभाग की तैयारी

उधर, निर्णय नहीं आने के कारण प्रदेश में न तो नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ पा रही है और न ही पदोन्नतियां हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि 2016 में उच्च न्यायालय द्वारा पदोन्नति में आरक्षण संबंधी 2002 का नियम निरस्त किए जाने के बाद पदोन्नतियां बंद हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पदोन्नति को लेकर सभी तैयारियां हो चुकी हैं।

2025 के नियमों के अनुरूप पद चिह्नित कर लिए गए हैं तो विभागीय पदोन्नति समितियां भी बन चुकी हैं। अब बस प्रतीक्षा हाई कोर्ट के निर्णय की है। 17 फरवरी को सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हम न्यायालय के समक्ष सभी तथ्य रख चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय सुरक्षित रखे जाने के 90 दिन के भीतर सुनाने की बात कही है। इस आधार पर पूरी संभावना है कि अगले सप्ताह निर्णय सुना दिया जाएगा।

फिर प्रारंभ हुई उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था

उधर, पदोन्नति नियम लागू होने की संभावना के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को उच्च पद का प्रभार नहीं देने के निर्देश दिए थे। यह मामला भी हाई कोर्ट पहुंचा और निर्देश दिए गए कि पात्रों को उच्च पद का प्रभार दिया जाना चाहिए। इस पर पुलिस मुख्यालय ने उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था को फिर लागू कर दिया। सभी कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वरिष्ठता के अनुसार उच्च पदों का कार्यवाहक प्रभार दिया जाए।

लोक निर्माण विभाग ने उच्च पद का प्रभार देने के लिए बना दी कमेटी

पदोन्नति नियम को लेकर निर्णय कभी भी सुनाया जा सकता है और लोक निर्माण विभाग ने उच्च पद का प्रभार देने के लिए मुख्य अभियंता संजय खांडे की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति बना दी है। प्रमुख अभियंता केपीएस राणा द्वारा बनाई गई यह समिति 2010 में सहायक यंत्री और उसके बाद नियुक्त हुए सहायक यंत्रियों को उच्च पद का प्रभार देने के मामले में प्रस्ताव तैयार करके देगी।

इस समिति में 2024 की बैच की अधिकारी को भी शामिल किया गया है जबकि निर्णय वरिष्ठ इंजीनियरों को लेकर होना है। इस पर सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि, समिति ने दो बैठक करके वित्त, स्वास्थ्य, सहकारिता, वन और राजस्व विभाग के नियम का अध्ययन कर लिया है। अगली बैठक में इस पर विचार होगा।



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