मौसम नूर की घरवापसी से खुश कांग्रेस को उम्मीद, मालदा में टीएमसी से फिर छीनेंगे पुराना किला
Updated on
05-01-2026 01:53 PM
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से 3 महीने पहले कांग्रेस पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) को बड़ा झटका दिया है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद मौसमी नूर ने सात साल बाद घरवापसी करते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। मालदा जिले के अल्पसंख्यकों के बड़े नेता अताउर गनी खान चौधरी की भतीजी मौसम नूर ने 2019 के चुनावों से पहले टीएमसी जॉइन कर लिया था। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मुस्लिम बाहुल्य सीट मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे गढ़ में हार का सामना करना पड़ा था। माना जा रहा है कि मौसम नूर की वापसी से कांग्रेस को मालदा में मजबूती मिलेगी।
दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं मौसम नूर
2017 के पहले तक मौसम नूर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की करीबियों में शुमार थी। 2008 में मौसमी ने अपनी मां रूबी नूर के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा था, फिर वह 2009 सुजापुर सीट से उपचुनाव में विधायक चुनी गईं। 2009 में ही वह मालदा उत्तर लोकसभा सीट से जीतकर लोकसभा पहुंची। मालदा में दिग्गज कांग्रेस नेता बरकत अताउर गनी खान चौधरी की विरासत के कारण नूर को राजनीति में जमने में दिक्कत नहीं हुई। 2011 में राहुल गांधी ने उन्हें बंगाल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया। फिर वह मालदा की जिलाध्यक्ष बनीं। 2014 में वह दोबारा सांसद चुनी गईं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मौसम नूर ने टीएमसी से गठबंधन की वकालत की, जिसका अधीर रंजन चौधरी ने विरोध किया। इससे नाराज होकर मौसमी नूर ने कांग्रेस छोड़ दी और टीएमसी में चली गईं।
2019 में टीएमसी से चुनाव हार गई थीं मौसम
टीएमसी ने मौसम नूर को 2019 के चुनाव में उत्तर मालदा से उम्मीदवार बनाया, मगर वह बीजेपी के खगेन मुर्मू से चुनाव हार गईं। 2020 में टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया। 2021 के चुनाव में कांग्रेस को मालदा जिले में झटका लगा। 2016 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने मालदा की 13 में से आठ सीटें जीती थीं, मगर 2021 में जिले में पार्टी का खाता नहीं खुला। हालांकि ए. गनी खान चौधरी की विरासत की एक और दावेदार मौसम नूर की चचेरी बहन ईशा खान चौधरी 2024 में चुनाव जीतने वाली कांग्रेस की इकलौती सांसद बनी। दक्षिण मालदा में गनी खान चौधरी का प्रभाव दिखा, इसके बाद कांग्रेस मौसम नूर की घरवापसी पर फोकस करने लगी।
कांग्रेस को उम्मीद, मालदा में मजबूत होगी पार्टी
माना जा रहा है कि मौसम नूर की वापसी से कांग्रेस मालदा में दोबारा मजबूत हो सकती है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि वक्फ कानून और कई अन्य मुद्दों पर मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों के अल्पसंख्यक टीएमसी से खुश नहीं हैं। नूर की वापसी इन दो जिलों में कांग्रेस को मजबूती देगी। अधीर रंजन चौधरी निस्संदेह एक बड़े नेता हैं, लेकिन वह बहुत अधिक मुर्शिदाबाद-केंद्रित हैं। उस लिहाज़ से मौसम बेनजीर नूर राज्य में कांग्रेस के एक महिला चेहरे के रूप में उभर सकती हैं। यह विधानसभा चुनावों में वाम-कांग्रेस गठबंधन की तस्वीर बदल सकता है।
नागपुर, नागपुर में धमकीभरी चिट्ठी मिलने के बाद हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस चिट्ठी में दावा किया गया कि RSS मुख्यालय,BJP ऑफिस और मेट्रो ट्रेनों में रेडियोएक्टिव…
नई दिल्ली/कोलकाता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार रात अपनी सीट भवानीपुर के EVM स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं, जहां वे करीब 4 घंटे रहीं। बताया कि ममता ने सभी उम्मीदवारों से…
अलवर, अलवर के मौजपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चलती कार में आग लग गई। हादसे में 6 लोग जिंदा जल गए। रेस्क्यू टीम को आग बुझाने के बाद अर्टिगा कार…
अहमदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचार के दौरान झालमुड़ी खाकर चौंका दिया था। पीएम मोदी का झारग्राम दौरे का यह अंदाज सोशल मीडिया पर न सिर्फ वायरल…
देहरादून: उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। BJP अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है। क्या है पार्टी की प्लानिंग और क्या चल रहा है संगठन के अंदर,…
शिमला, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण संस्थान (आरट्रैक) पहुंच गई है। यहां पर वह सेना द्वारा रखे एक कार्यक्रम में भाग ले रही है। इसके बाद राष्ट्रपति दिल्ली…
अमृतसर, अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी बॉर्डर पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 6 बजे से शुरू…
जयपुर: अगर आपको लगता है कि सिर्फ 'डिजिटल अरेस्ट' ही साइबर ठगी का सबसे बड़ा हथियार है, तो अपनी सोच बदल लीजिए। राजस्थान की राजधानी जयपुर में ठगी का एक ऐसा…