गहरी साजिश की बात
न्यायिक जांच रिपोर्ट में आयोग ने चौंकाने वाला दावा किया। आयोग ने अपनी फाइंडिंग में कहा कि संभल हिंसा कोई आकस्मिक घटना नहीं थी। यह एक पूर्व-नियोजित गहरी साजिश थी। रिपोर्ट में विदेशी हथियारों के इस्तेमाल से लेकर क्षेत्र के डेमोग्राफी में बदलावों पर गंभीर सवाल उठाए गए। हिंसा में विदेशी हथियारों के इस्तेमाल की भी बात सामने आई।जांच रिपोर्ट में अलग कहानी
इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता वाले आयोग ने पाया कि दंगों को भड़काने के लिए बाहर से असामाजिक तत्वों को बुलाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा में 'मेड इन यूएसए' जैसे विदेशी निर्मित हथियारों और भारी मात्रा में अवैध हथियारों का प्रयोग किया गया। आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस की समय पर सक्रियता से एक बड़े नरसंहार को टाला गया। हिंसा में हुई मौतों को दंगाइयों की आपसी फायरिंग का नतीजा बताया गया है।एसपी का आया बयान
कोर्ट के आदेश के बाद संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का बड़ा बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा है कि हिंसा के दौरान जिन लोगों को गोली लगी थी, वह 32 बोर की थी। 32 बोर बुलेट को जिन हथियार में प्रयोग में लाया जाता है, उसका इस्तेमाल पुलिस नहीं करती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच आयोग भी जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंप चुका है।एसपी ने कहा कि न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट कैबिनेट में पेश हो चुकी है। एसपी ने साफ तौर पर कहा कि गोली लगने से घायल युवक के मामले में फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के खिलाफ हम हाई कोर्ट में अपील करेंगे।


