शेयरों की चाल
अगर एडवेंट के साथ बातचीत भी फेल हो जाती है, तो कंपनी ब्लॉक डील के जरिए इक्विटी का कुछ हिस्सा फिर से बेचने पर विचार कर सकती है। इस साल अब तक व्हर्लपूल इंडिया के शेयर 26% गिर चुके हैं। कंपनी के हालिया नतीजे बताते हैं कि पिछले सात तिमाहियों में कंपनी का रेवेन्यू सबसे कम रहा है, जो भारत में परिचालन संबंधी चुनौतियों का संकेत देता है। हालांकि, अमेरिका में तीसरी तिमाही में बिक्री 1% बढ़ी है, लेकिन एक नॉन-कैश लॉस के कारण मुनाफा कम हुआ है।शुक्रवार को व्हर्लपूल इंडिया का शेयर बीएसई पर 1338.95 रुपये प्रति शेयर पर सपाट बंद हुआ। इस कीमत पर कंपनी का मार्केट कैप 16,987.50 करोड़ रुपये था। पिछले साल 22 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 2449 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट आई। व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन की व्हर्लपूल इंडिया में 51% हिस्सेदारी है। व्हर्लपूल भारत में रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के टॉप चार ब्रांडों में से एक है। यह मुख्य रूप से प्रीमियम सेगमेंट में मौजूद है, जिस पर फिलहाल एलजी और सैमसंग का दबदबा है।


