येरेवन, आर्मेनिया की संसद में गुरुवार को सत्तारूढ़ दल और विपक्षी सांसदों के बीच मारपीट हो गई। विवाद महिलाओं पर दिए गए विवादित बयान से शुरू हुआ था।

सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद तारोन चखोयान ने विपक्षी नेता नारेक कारापेटयन से माफी मांगने के लिए कहा था। उन्होंने कारापेटयन के परिवार को लेकर भी बयान दिया था। इससे नाराज विपक्षी सांसद स्पीकर के पोडियम की ओर बढ़े। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई।

मारपीट के दौरान एक सांसद को फर्श पर गिरा दिया गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मी एक्‍शन में आए और मामले को संभाला। घटना के बाद संसद की कार्यवाही रोकनी पड़ी।

विपक्षी नेता के भाई ने महिलाओं की यौन संतुष्टि पर बयान दिया था

  • चखोयान ने अपने भाषण में विपक्षी नेता कारापेटयन के चचेरे भाई सरगिस कारापेटयन के पुराने बयान का जिक्र करते हुए उनकी आलोचना की थी। उन्होंने एक पॉडकास्ट में महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।

  • इसी साल जनवरी में एक समाजशास्त्री ने कहा था कि आर्मेनिया में अधेड़ उम्र की महिलाओं की राजनीति में दिलचस्पी बढ़ रही है।

  • समाजशास्त्री ने इसकी वजह यौन असंतुष्टि बताया था। उनका दावा था कि इसी वजह से कुछ महिलाएं सोशल मीडिया पर ज्यादा राजनीतिक टिप्पणियां करती हैं।

  • जब एक पॉडकास्ट में सरगिस से इस पर चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर देश में कोई भी महिला यौन संतुष्टि से वंचित नहीं रहेगी।

  • पॉडकास्ट में शामिल एक अन्य व्यक्ति ने मजाक में ‘सेक्स मंत्रालय’ बनाने की बात कही थी। इसके बाद सरगिस ने कहा कि यौन संबंधों के बिना जनसंख्या से जुड़ी समस्याएं हल नहीं की जा सकतीं।

सांसद ने चखोयान से माफी मांगने को कहा

इस तरह बातचीत महिलाओं की राजनीतिक सक्रियता से शुरू होकर यौन संतुष्टि और आर्मेनिया की घटती जन्म दर तक पहुंच गई।

सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद तारोन चखोयान ने संसद में इसी बयान का जिक्र करते हुए विपक्षी नेता नारेक कारापेटयन पर निशाना साधा।

चखोयान ने सवाल उठाया कि इस टिप्पणी के लिए अब तक महिलाओं से माफी क्यों नहीं मांगी गई। इसी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।