रेकॉर्ड कैपेक्स
अडानी ग्रुप ने मार्च में खत्म फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल एक्सपेंडिचर के तौर पर ₹1.53 लाख करोड़ खर्च किए। यह किसी भारतीय कॉर्पोरेट के कैपिटल एक्सपेंडीचर पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा सालाना खर्च है। इसमें से लगभग 80% खर्च वेंडर्स के जरिए किया गया। इसमें रियल एस्टेट और दूसरे अनलिस्टेड बिजनेस का खर्च शामिल नहीं है।अडानी का तरीका Apple के 'एक्सटेंडेड एंटरप्राइज मॉडल' जैसा है। इसमें कंपनी प्रोडक्ट डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कस्टमर एक्सपीरियंस पर अपना कंट्रोल बनाए रखती है, जबकि स्पेशलिस्ट सप्लायर मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं मुहैया कराते हैं। बदले में सप्लायर्स को इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और बड़े मौकों तक पहुंच मिलती है। अडानी कैपेक्स प्लान कंस्ट्रक्शन, हेवी इंजीनियरिंग और पावर टेक्नोलॉजी सेक्टर में रेवेन्यू पाइपलाइन को बदल रहा है।


