एरिक्सन कंज्यूमरलैब की नई रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत दुनिया के उन मार्केट्स में शामिल है, जहां मल्टीमॉडल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग में जोरदार बढ़ोतरी हो सकती है। मल्टीमॉडल एआई का मतलब टेक्स्ट, वॉइस, इमेज और वीडियो के जरिए एआई का यूज करने से है। रिसर्च में कहा गया है कि आज भारत में एआई का यूज 22 फीसदी है जो 2030 तक 43 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान है। ग्लोबल स्तर पर एआई को अपनाने की रफ्तार 30 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है। यानी भारत में लोग एआई को दोगुना तेजी के साथ अपनाते जाएंगे।
27 देशों में की गई रिसर्च
एरिक्सन कंज्यूमरलैब की रिसर्च रिपोर्ट को दुनिया के 27 देशों में यूजर्स से बातचीत के बाद तैयार किया गया है।
इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देश शामिल हैं।
15-69 साल की उम्र वाले 43 हजार से अधिक स्मार्टफोन यूजर्स यानी लोगों से मिली प्रतिक्रियाओं के बाद रिपोर्ट को तैयार किया गया।
रिपोर्ट कहती है कि एआई का उपयोग अब कभी-कभार नहीं हो रहा। लोग अलग-अलग डिवाइस पर इसे इस्तेमाल कर रहे हैं। मोबाइल नेटवर्क पर भी एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे यह पता चलता है कि जैसे- जैसे लोग एआई की मदद से अधिक तस्वीरें बनाएंगे, वीडियोज बनाएंगे, इंटरनेट नेटवर्क में अपलोडिंग बढ़ जाएगी।
क्या कहना है एरिक्सन का
आज यूजर्स जिस तरह सर्च करते हैं, कंटेंट बनाते हैं, बातचीत करते हैं, उसमें एआई एक महत्वपूर्ण चीज बन गया है। - नितिन बंसल, एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर
रिसर्च में कहा गया है कि भविष्य में एआई का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स उम्मीद करेंगे कि उन्हें सभी डिवाइस पर एक जैसा एक्सपीरियंस मिले। नितिन बंसल के अनुसार, भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है। इससे एआई को और तेजी से अपनाने में मदद मिलेगी।
रिसर्च में बताया गया है कि अभी दुनिया में एआई का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स 10 फीसदी हैं। 2030 तक इनकी संख्या 30 फीसदी पर पहुंच सकती है। इनके बिहेवियर से पता चलता है कि ये लोग एआई को कई सारी डिवाइस में यूज करेंगे। अलग-अलग जगहों पर एआई का इस्तेमाल करेंगे। इससे मोबाइल कनेक्शन पर भी एआई का यूज बढ़ जाएगा। रिपोर्ट में ऐसे यूजर्स को 'AI सुपर यूजर्स' कहा गया है।
दुनिया से आगे रहेगा भारत
रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में एआई को अपनाने की रफ्तार दोगुनी है। यहां लोग Ai के साथ तेजी से घुल मिलकर उसे अपनी डेली लाइफ में भी यूज कर रहे हैं। रिसर्च में कहा गया है कि इस डेवलपमेंट से ‘एजेंटिक एआई’ के विकास में भी मदद मिलेगी। एजेंटिक एआई उस एआई को कहा जाता है कि जो लोगों के लिए पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करते हुए उनके ट्रेन टिकट से लेकर ईमेल्स तक के जवाब देता है।
रिपोर्ट में 38 फीसदी स्मार्टफोन यूजर्स ने उम्मीद जताई है कि वो 2030 तक एजेंटिक एआई का इस्तेमाल करेंगे। आज यह संख्या 4 प्रतिशत है।