ज्यादातर लोग जब घर में Wi-Fi कनेक्शन लगवाते हैं, तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की ओर से दिए जाने वाला राउटर या मॉडम ही इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में स्लो इंटरनेट स्पीड, नेटवर्क ड्रॉप या कमजोर रेंज की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में एक सवाल आम हो जाता है कि क्या WiFi कनेक्शन के साथ कंपनी के राउटर की जगह अपना खुद का राउटर इस्तेमाल करना चाहिए? इस सवाल का कनेक्शन सिर्फ इंटरनेट स्पीड या स्टेबल कनेक्शन से नहीं बल्कि डेटा सिक्योरिटी, डिवाइस कवरेज और खर्चे से भी जुड़ा है।
ऐसे में समझना जरूरी है कि Wi-Fi कनेक्शन के साथ अपना खुद का राउटर लगाना चाहिए या नहीं?
रेंज और सिग्नल में बड़ा फर्क
Wi-Fi कनेक्शन के साथ आने वाले राउटर अक्सर छोटे कमरों या सीमित जगह के लिहाज से ठीक होते हैं लेकिन अगर आपका घर बड़ा है या घर में दो मंजिलें हैं, तो कंपनी का राउटर हर कोने तक मजबूत सिग्नल नहीं पहुंचा पाता।
ऐसे में अगर आप बाजार से एक एडवांस राउटर खरीदकर इस्तेमाल करते हैं, जो कि हाई-गेन एंटीना, बीमफॉर्मिंग और वाई-फाई 6 जैसे फीचर्स से लैस मिल जाते हैं, तो आप Wi-Fi की रेज और परफॉर्मेंस में बड़ा फर्क देख पाते हैं।
गौरतलब है कि मार्केट में एडवांस तकनीक वाले राउटर सिग्नल को चारों तरफ बिखेरने के बजाय सीधे आपके कनेक्टेड डिवाइस की दिशा में भेजते हैं। इसकी वजह से घर के डडे जोन खत्म हो जाते हैं।
बेहतर स्पीड और मल्टी-डिवाइस हैंडलिंग के लिए
अगर आपके घर में ऐसे कई डिवाइस हैं, जो एक साथ इंटरनेट से कनेक्ट रहते हैं, जैसे कि फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, सुरक्षा कैमरे और गेमिंग कंसोल आदि, तो Wi-Fi कनेक्शन के साथ आने वाले राउटर में इससे स्पीड कम हो जाती है और बफरिंग की परेशानी भी होने लगती है।
ऐसे में बेहतर डुअल बैंड या ट्राई-बैंड वाला राउटर लगाने से बैंडविड्थ का बंटवारा सही तरीके से हो पाता है। इससे एक साथ कनेक्टेड अलग-अलग डिवाइसेज को स्टेबल और पूरी इंटरनेट स्पीड मिल पाती है।
डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए
Wi-Fi कनेक्शन के साथ मिलने वाले राउटर का एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर के पास भी रहता है और इन राउटर्स में सुरक्षा फीचर्स भी बहुत सीमित होते हैं। वहीं जब आप अपना राउटर इस्तेमाल करते हैं, तो नेटवर्क का पूरा कंट्रोल आपके हाथ में आ जाता है।
आप अपने कनेक्शन के साथ बेहतर फायरवॉल सेटिंग्स, इनबिल्ट वीपीएन सपोर्ट, गेस्ट नेटवर्क और एडवांस पैरेंटल कंट्रोल्स जैसे फीचर्स को खुद मैनेज कर पाते हैं। इससे आपके घर का नेटवर्क बाहरी खतरों से ज्यादा सुरक्षित रहता है।
किन लोगों के लिए जरूरी नहीं अलग राउटर
अगर आप 1-2 BHK अपार्टमेंट में रहते हैं और घर में इंटरनेट का इस्तेमाल साधारण कामों के लिए होता है, तो अलग से महंगा राउटर खरीदने की जरूरत नहीं है।
वहीं अगर घर में सिर्फ दो-तीन फोन या एक स्मार्ट टीवी पर हल्की-फुल्की ब्राउजिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग होती है, तो कंपनी का डिफॉल्ट राउटर यह जरूरतें आसानी से पूरी कर देता है।
इसके अलावा आजकल कई इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर Wi-Fi 6 को सपोर्ट करने वाले राउटर भी देते हैं। ऐसे में अगर घर में नेटवर्क स्टेबल मिल रहा है और कोई डेड जोन नहीं है, तो अलग से राउटर सेटअप करने के झंझट और अतिरिक्त खर्च से बचना ही समझदारी है।