बिल पर विवाद क्यों है?
बिल में 'डेजिग्नेटेड अथॉरिटी' को दी जाने वाली प्रस्तावित शक्तियां बहस का केंद्र बन गई हैं। अमेरिकी सांसद मूर के अलावा कई NGO और सिविल सोसाइटी ग्रुप का तर्क है कि इन बदलावों से केंद्र को विदेशी फंडिंग पर निर्भर संगठनों पर बहुत ज्यादा कंट्रोल मिल जाएगा।चर्च और धार्मिक संगठनों ने खास तौर पर चिंता जताई है कि विदेशी चंदे से दशकों में बनाए गए स्कूल, अस्पताल, कल्याणकारी संस्थान और अन्य संपत्तियां सरकार के कंट्रोल में आ सकती हैं। अगर उनके रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा खत्म हो जाती है या वे रद्द हो जाते हैं।


