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'भारत से बांग्‍लादेश को सबसे ज्यादा घाटा', तारिक रहमान सरकार के सामने नया संकट, पाकिस्‍तान का भी आया नाम

Updated on 09-06-2026 01:32 PM
ढाका: बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने कहा है कि भारत से व्यापार में उनका देश भारी घाटे में है। वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तदिर ने सोमवार को देश की संसद को बताया है कि दक्षिण एशिया में बांग्लादेश का भारत के साथ सबसे बड़ा व्यापार घाटा है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 7.86 अरब डॉलर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ भी व्यापार घाटा है लेकिन पड़ोसी देशों में भारत से यह काफी ज्यादा हो गया है। भारत-बांग्लादेश के बीच हालिया समय में कूटनीतिक संपर्क बढ़ा है। बंग्लादेश की ओर से व्यापार मुद्दा दिल्ली के सामने उठाया जा सकता है।

द डेली स्टार के मुताबिक, सांसद सरवर जमाल निजाम के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री मुक्तदिर ने कहा कि बांग्लादेश का चार SAARC देशों- भारत, अफगानिस्तान, भूटान और पाकिस्तान के साथ व्यापार घाटा है। जबकि बांग्लादेश का नेपाल, श्रीलंका और मालदीव के साथ व्यापार सरप्लस है।

बांग्लादेश का पाकिस्तान-भारत से व्यापार

अब्दुल मुक्तदिर ने ससंद को बताया है कि SAFTA फ्रेमवर्क के तहत भारत को निर्यात बढ़ा है लेकिन खाद्य पदार्थों और औद्योगिक कच्चे माल के बढ़ते आयात के कारण घाटा बना हुआ है। बांग्लादेश बैंक और नेशनल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के अनुसार, भारत के साथ बांग्लादेश का 9.62 अरब डॉलर के आयात के मुकाबले निर्यात 1.76 अरब डॉलर रहा, जिससे उसे 7.86 अरब डॉलर का घाटा हुआ।

बांग्लादेश का पाकिस्तान के साथ भी व्यापार घाटा रहा है। बांग्लादेश का पाकिस्तान से 755.30 मिलियन डॉलर के आयात के मुकाबले निर्यात 74 मिलियन डॉलर था, जिससे 681.30 मिलियन डॉलर की कमी रही। पाकिस्तान से भी बांग्लादेश फायदे में नहीं है, जिससे वह हालिया महीनों में संबंधों में सुधार की कोशिश में लगा है।

अफगानिस्तान से भी नुकसान में ढाका

अफगानिस्तान के साथ व्यापार में बांग्लादेश का 21.80 मिलियन डॉलर के आयात के मुकाबले 11.09 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ। इससे ढाका को सीधेतौर पर 10.71 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ। भूटान को निर्यात 14.33 मिलियन डॉलर रहा, जबकि आयात 44.10 मिलियन डॉलर था, जिससे बांग्लादेश को 29.77 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ।

बांग्लादेश ने तीन SAARC साझेदारों के साथ व्यापार अधिशेष यानी सरप्लस दर्ज किया है। नेपाल को उसको निर्यात 35.40 मिलियन डॉलर जबकि आयात 5.50 मिलियन डॉलर था। इससे बांग्लादेश का नेपाल के साथ 29.90 मिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस रहा है।

श्रीलंका और मालदीव से सरप्लस

श्रीलंका के साथ व्यापार भी बांग्लादेश के पक्ष में रहा है। श्रीलंका से 76.60 मिलियन डॉलर के आयात के मुकाबले बांग्लादेश का निर्यात 82.85 मिलियन डॉलर था। इससे बांग्लादेश को 6.25 मिलियन डॉलर का अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) हुआ।

मालदीव को बांग्लादेश का वर्ष 2024-25 में निर्यात 6.35 मिलियन डॉलर रहा, जबकि आयात 3.50 मिलियन डॉलर था। इससे 2.85 मिलियन डॉलर का अधिशेष हुआ। यानी मालदीव से वह फायदे में रहा है।

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