बच्चों ने गाया अल्लामा इकबाल का गानाा
उन्होंने आगे बताया कि जब वह स्कूल से निकल रहे थे, तब उन्होंने कुछ बच्चों को गाना गाते हुए सुना। यह अल्लामा इकबाल की उनकी पसंदीदा रचनाओं में से एक थी। इस अनुभव ने उनकी श्रीनगर यात्रा की याद को और खास बना दिया।बांग्लादेशी हाई कमिश्नर ने कहा कि इस पूरे अनुभव से उन्हें एक बात खास तौर पर महसूस हुई। उनके मुताबिक, अक्सर लोग उन रेखाओं और सीमाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो समाजों और देशों को बांटती हैं। लेकिन इसके साथ यह भी देखना चाहिए कि बड़ी आबादी किस तरह इन विभाजक रेखाओं और मतभेदों की परवाह किए बिना अपनी जिंदगी आगे बढ़ाती रहती है।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर के DPS में फातिमा से हुई बातचीत और बच्चों को इकबाल की रचना गाते सुनना उनके कार्यकाल की उन हालिया यादों में शामिल है, जो लंबे समय तक उनके साथ रहेंगी।


