Select Date:

भारत विरोधी एजेंडे पर बांग्लादेश की कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी, जमीन पर खड़े कर रही प्रॉक्सी संगठन

Updated on 23-06-2026 01:22 PM
ढाका: बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए एक खतरनाक चाल चल रही है। वह इसके लिए भारत विरोधी एजेंडा फैलाने में लगी है, लेकिन इस खेल में खुद को पीछे रख रही है। इसकी जगह जमात-ए-इस्लामी कई ऐसे कट्टरपंथी संगठनों को तैयार कर रही है, जो पूरे देश में भारत विरोधी प्रदर्शनों की अगुवाई कर सकें। कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी का मकसद भारत और बांग्लादेश के संबंधों का खराब करना है।

बांग्लादेश की बनी दूसरे सबसे बड़ी पार्टी

इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। इसी चुनाव में जमात-ए-इस्लामी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और इसने 68 सीटें जीतीं। संसद में जमात और एनसीपी गुट के पास कुल 77 सीटें हैं। जमात-ए-इस्लामी का भारत विरोधी एजेंडा किसी से छिपा नहीं है।
वहीं, तारिक रहमान के पद संभालने के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में सुधार हुआ है। हालांकि, कई मुद्दों पर अभी भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है, इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत और संपर्क बना हुआ है। मतभेदों के बावजूद रहमान भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की अहमियत समझते हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों को खराब करने की कोशिश

वहीं, पाकिस्तान की ISI के संबंध रखने वाली जमात-ए-इस्लामी भारत-बांग्लादेश के संबंधों में प्रगति से खुश नहीं है और इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है। लेकिन वह खुद को एक जिम्मेदार विपक्ष भी दिखाना चाह रही है। यही वजह है कि सीधे तौर पर शामिल होने के बजाय वह छोटे सहयोगी समूहों और संगठनों के जरिए अपना मकसद पूरा करने की कोशिश कर रही है।

प्रॉक्सी समूह कर रहे भारत विरोधी प्रदर्शन

अधिकारियों का कहना है कि जमात के इशारे पर कई प्रॉक्सी समूह उभर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा किया जा सके। ये संगठन पर अब जमीन पर एक्टिव हो चुके हैं। 19 जून को बांग्लादेश आजाद पार्टी नाम के एक संगठन ने ढाका में विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारत से अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजे जाने के विरोध में किया गया था। प्रदर्शन के दौरान भारत के गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका गया।

एक्सपर्ट का कहना है कि भारत की अवैध बांग्लादेशियों को वापस भजने के प्रयासों को जमात जैसे कट्टरपंथी समूह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। वे ऐसे संगठनों को बनाने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं, जिनका काम भारत-विरोधी अभियान और गतिविधियां चलाना है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.