भोपाल। दुनिया में बधिरता (Deafness) दूसरी सबसे बड़ी दिव्यांगता मानी जाती है। आंकड़ों के अनुसार विश्वभर में करीब 34 लाख और भारत में 20 लाख से अधिक बच्चे श्रवण बाधित (कर्णबधिर) हैं। ऐसे बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा की होती है।
पढ़ाई के अनुकूल माहौल और उपयुक्त शिक्षण पद्धति के अभाव में बड़ी संख्या में बच्चे मिडिल स्कूल के बाद शिक्षा छोड़ देते हैं।