Select Date:

भारत के दोस्त से हाथ मिलाकर तालिबान ने किया तगड़ा वार, रो रहा पाकिस्तान, अरबों डालर का कारोबार बर्बाद

Updated on 20-07-2026 01:35 PM
इस्लामाबाद/काबुल: अफगानिस्तान से दुश्मनी पाकिस्तान को बहुत महंगी साबित हो रही है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि अफगानिस्तान से तनाव के चलते पाकिस्तान बड़ा आर्थिक झटका दिया है। इसकी गवाही अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच ट्रांजिट ट्रेड के आंकड़े दे रहे हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष में घटकर 36.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया। साल 2021 में यह 5 अरब अमरिकी डॉलर था।

सबसे निचले स्तर पर पहुंचा ट्रांजिट ट्रेड

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के वित्तीय वर्ष में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ट्रांजिट ट्रेड अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया। रिपोर्ट में कहा गया कि 2021 से पहले दोनों देशों के बीच ट्रांजिट ट्रेड का मूल्य लगभग 5 अरब डॉलर था। हर साल करीब 89000 कंटेनर ट्रांसपोर्ट किए जाते थे। हालांकि, इस साल कंटेनरों की संख्या लगभग 11600 रह गई।

पाकिस्तान पर निर्भरता घटा रहा तालिबान

साल 2023 में ट्रांजिड ट्रेड ने सबसे ज्यादा मजबूती देखी थी, जब कंटेनरों की संख्या 102000 से ज्यादा थी। इस दौरान कुल ट्रेड वैल्यू 6.7 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। अफगानिस्तान एक लैंड लॉक्ड देश होने की वजह से ट्रांजिट व्यापार के लिए पाकिस्तान के रास्ते का इस्तेमाल करता था, लेकिन हाल के वर्षों में इसने वैकल्पिक ट्रांजिट रूट के तौर पर ईरान का रुख किया और पाकिस्तान के बंदरगाहों पर निर्भरता कम कर दी।

अफगानिस्तान के साथ सैन्य झड़पों के बाद अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान ने अपनी सीमा बंद कर दी थी, जिससे ट्रांजिट ट्रेड पर असर पड़ा। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि यह गिरावट सीमा बंद होने के बहुत पहले से ही शुरू हो गई थी। आइए देखते हैं कि यह गिरावट किस तरह हुई

अफगानिस्तान-पाकिस्तान ट्रांजिट ट्रेड में कैसे हुई गिरावट?

  • तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद शुरुआती समय में ट्रांजिट कार्गो में सुधार हुआ। वित्तीय वर्ष 2023 में कंटेनर ट्रैफिक बढ़कर 102886 हो गया और इसका मूल्य 6.7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
  • इसके बाद ट्रांजिट ट्रेड में गिरावट आई और वित्तीय वर्ष 2024 में 54114 कंटेनर का आदान-प्रदान हुआ।
  • वित्तीय वर्ष में कंटेनर ट्रैफिक 42959 रह गया और इसका मूल्य 1.36 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
  • वित्तीय वर्ष 2026 में यह अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया और कंटेनरों की संख्या घटकर 11600 रह गई।

तालिबान की रणनीति से पाकिस्तान बेहाल

डॉन ने एक ट्रेड विश्लेषकोंके हवाले से रिपोर्ट में बताया है कि तालिबान ने सीमा बंद होने के बाद वैकल्पिक रास्तों की तलाश नहीं शुरू की। यह काबुल की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वे पाकिस्तानी बंदरगाहों पर अफगानिस्तान की निर्भरता कम करना चाहते थे। अफगानिस्तान ने हाल के वर्षों में ईरान के चाबहार पोर्ट पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जो उसे पाकिस्तान के कराची बंदरगाह के मुकाबले एक विश्वसनीय विकल्प प्रदान करता है। चाबहार पोर्ट को भारत ने विकसित किया है। इसके जरिए भारत अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.