Select Date:

चीन ने फिलिस्तीन की दो बड़ी पार्टियों में सुलह कराई:हमास और फतह एक-दूसरे के कट्टर विरोधी

Updated on 24-07-2024 03:11 PM

फिलिस्तीन की 2 सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों हमास और फतह ने सुलह कर ली है। चीन ने मंगलवार को दोनों के बीच डील कराई है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जंग के बाद पहली बार है जब एक दूसरे की कट्टर विरोधी पार्टियों ने साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बताया कि 3 दिन की बैठक के बाद ये डील हो पाई है। इसके तहत ये तय हुआ है कि जंग खत्म होने के बाद दोनों दल गठबंधन से फिलिस्तीन में सरकार चलाएंगे। डील में हमास और फतह के अलावा 12 फिलिस्तीनी समूहों ने भी हाथ मिलाया है।

फतह ने कहा कि ये डील फिलिस्तीन को इजराइल के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने में मदद करेगी।

दो दुश्मन क्यों बने दोस्त ?
फतह इजराइली के कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाके वेस्ट बैंक में सरकार चलाता है। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास फतह संगठन के ही हैं। वहीं, समुद्री तट की तरफ बसे फिलिस्तीनी हिस्से गाजा में हमास की सरकार है। 2006 के गाजा इलेक्शन में फतह की हार के बाद वहां हमास की सरकार बनी थी।

हमास और फतह के बीच सरकार चलाने और लोगों का प्रतिनिधित्व करने को लेकर दशकों से संघर्ष रहा है। दोनों ही फिलिस्तीन के हितों के लिए लड़ाई लड़ते हैं। लेकिन, हमास हमेशा से आजादी की लड़ाई आक्रामक तरीके से लड़ता आया है, वहीं फतह कूटनीतिक ढंग और बिना संघर्ष के फिलिस्तीनी लोगों की आवाज उठाने की हिमायत करता है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी फतह को फिलिस्तीन प्रतिनिधित्व करने का जिम्मा मिला है। अब दोनों संगठन चाहते हैं कि वे इजराइल के खिलाफ मिलकर लड़े और दुनिया में फिलिस्तीनियों को एकजुट होकर रिप्रजेंट करें।

दोनों की दोस्ती से चीन का क्या फायदा है ?
चीन ऐतिहासिक रूप से जंग में फिलिस्तीन के प्रति सहानुभूति रखता आया है। वह एक आजादी फिलिस्तीन देश का समर्थन करता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग तो जंग खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन का आह्वान भी कर चुके हैं।

चीन ने फिलिस्तीन में सौर ऊर्जा स्टेशन बनाने के लिए 2016 में 63 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया था। जून 2023 के बाद से फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास 5 बार चीन का दौरा कर चुके हैं। इस साल जनवरी में इजराइली सेना ने बताया था कि हमास जो हथियार का इस्तेमाल कर रहा है, उनमें से ज्यादातर चीन में बने हैं।

इससे पहले अप्रैल 2024 में भी चीन ने हमास और फतह ने आपसी मतभेद सुलझाने के लिए राजधानी बीजिंग में मुलाकात करवाई थी। चीन ऐसा कर मिडिल ईस्ट में अमेरिका को टक्कर देकर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 April 2026
माले: चीन के जासूसी जहाज ने ऐसा लगता है कि एक बार फिर से हिंद महासागर क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम पूरा कल लिया है। उसरे रिसर्च जहाज 'शी यान 6'…
 25 April 2026
काठमांडू: नेपाल में बालेन शाह की सरकार के आदेश के बाद कस्टम जांच बढ़ाए जाने के बाद भारतीय सीमा से लगे एंट्री पॉइंट असामान्य रूप से शांत हो गए हैं। इसके…
 25 April 2026
वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने चीन की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि उसने अरबों डॉलर का ईरानी तेल खरीदा था। यह कदम वाइट हाउस के उस व्यापक…
 25 April 2026
तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने चुपचाप प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने अपनी सालाना मेडिकल जांच के नतीजे भी सार्वजनिक किए। 76…
 25 April 2026
इस्लामाबाद: होर्मुज स्ट्रेट संकट ने दक्षिण एशियाई देशों पर गंभीर असर डाला है और भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत बाकी के देश बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में पाकिस्तान के…
 25 April 2026
मनीला: अमेरिका ने जापान और फ‍िलीपींस समेत कई सहयोगी देशों के साथ मिलकर सोमवार से फ‍िलीपींस में बाल्किस्‍तान 2026 नौसैनिक अभ्‍यास शुरू किया है। इस अभ्‍यास को जमीन से लेकर समुद्र…
 25 April 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के दौरे पर पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की है। अराघची शुक्रवार देर रात ईरानी प्रतिनिधिमंडल के…
 24 April 2026
ढाका: बांग्लादेश की वायु सेना में कुछ अधिकारियों और एयरमैन के पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के साथ गठजोड़ का पता लगने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इसके बाद वायु सेना की…
 24 April 2026
तेल अवीव: पूरी दुनिया की नजर इजरायल के ईरान और लेबनान के साथ तनाव पर बनी हुई है। वहीं, इन सबके बीच तेल अवीव हजारों किलोमीटर दूर भारत में एक ऑपरेशन…
Advt.