- तापी (TAPI) परियोजना एक महत्वाकांक्षी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना है। इसका मकसद तुर्कमेनिस्तान के विशाल गैस भंडारों को अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत तक पहुंचाना है। इसमें तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत शामिल है।
- यह पाइपलाइन करीब 1,814 किलोमीटर लंबी होगी। इससे प्रतिवर्ष लगभग 33 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) प्राकृतिक गैस का परिवहन होने की उम्मीद है।
- गैस तुर्कमेनिस्तान के गल्किनिश गैस क्षेत्र से हासिल की जाएगी जो दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में से एक है। भारत के लिए यह परियोजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था लेकिन अफगानिस्तान में अस्थिरता और पाकिस्तान से झगड़े ने इस प्रोजेक्ट को रोक दिया।
अली तौकीर शेख ने इन दोनों गैस पाइपलाइन का हवाला देते हुए कहा है कि ये दोनों पाइपलाइनें मिलकर इस क्षेत्र को पश्चिम और उत्तर दोनों दिशाओं से जमीनी ऊर्जा आपूर्ति प्रदान करती हैं और वे गलियारे बनाती हैं जिनके माध्यम से आखिरकार नवीकरणीय ऊर्जा का व्यापार होगा। इसके अलावा प्रतिद्वंद्वियों के सहयोग करने का एक ढांचागत कारण भी होगा। यह जलवायु निवेश होने के साथ-साथ एक रणनीतिक निवेश भी है। उन्होंने लिखा है कि होर्मुज संकट ने दिखाया है कि आर्थिक अलगाव की वास्तविक कीमत क्या होती है। इसका समाधान और ज्यादा अलगाव नहीं बल्कि दोनों देशों का एक साथ आना है जिससे दोनों देश अपनी ऊर्जा समस्या का स्थायी हल कर सकते हैं।


