Select Date:

चीन की बड़ी चाल का खुलासा, भारतीय सीमा के पास खड़ा किया आर्मी नेटवर्क, सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आया सच!

Updated on 06-12-2025 12:30 PM
बीजिंग: चीन की सेना भारत के बॉर्डर के पास बड़े पैमाने पर निर्माण कर रही है। चीनी आर्मी तिब्बती पठार पर नए बड़े एयरफील्ड और दूसरी सुविधाएं तैयार कर रही है। इससे उसकी पहुंच हिमालय के ऊपर मुश्किल पश्चिमी सीमा तक बढ़ जाती है। चीन तिब्बत के पठार पर ना सिर्फ सैन्य बल्कि नागरिक उपयोग वाली सुविधाओं का भी नेटवर्क खड़ा कर रहा है। इससे युद्ध या संघर्ष जैसी स्थिति में चीनी सेना की पहुंच यहां आसानी से हो सकेगी।

वॉल स्ट्रीट जनरल (WSJ) ने अपनी रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए ये खुलासा किया है। WSJ ने सैटेलाइट इमेज के आधार पर बताया है कि ल्हुंजे, बुरंग और टिंगरी में तीन नई डुअल यूज फैसिलिटी बन रही हैं। इनमें कम से कम 72 एयरक्राफ्ट या हेलीकॉप्टर खड़े होने की सुविधा होगी। यह क्षेत्र में चीन की सैन्य क्षमता को कई गुना बढ़ाता है।
इन तस्वीरों में एयरफील्ड एप्रन विभिन्न प्रकार के सैन्य विमान देखे जा सकते हैं। इनमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और टोही और हमलावर ड्रोन शामिल हैं। यह बुनियादी ढांचा ना सिर्फ भारत के खिलाफ चीन की स्थिति मजबूत करता है बल्कि तिब्बत में शासन को मजबूती से चलाने में बीजिंग की नियंत्रण क्षमता को भी बढ़ाता है।

चीन का नया निर्माण

भारत की सीमा के पास चीन की ये नई फैसिलिटी समुद्र तल से 14,100 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। इंजीनियरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है कि रनवे ठंड से फटे नहीं। यह काम चीनी सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी चाइना एयरपोर्ट कंस्ट्रक्शन ग्रुप कर रहा है।
चीनी अधिकारियों का कहना है इन हवाई अड्डों का निर्माण दूरदराज के इलाकों में लोगों को कनेक्टिविटी के लिए है। चीनी ये तर्क अपने सैन्य ढांचे पर पर्दा ढालने के लिए कर रहे हैं। तस्वीरों से साफ है ये सुविधाएं सैन्य अभियानों के लिए हैं। इनमें सैन्य विमानों के लिए मजबूत आश्रय इसका उदाहरण है।

मुश्किल हालात में काम

चीन ने पिछले एक दशक में लगातार निर्माण किए हैं। इन सुविधाओं का निर्माण खतरनाक परिस्थितियों में किया जा रहा है। चीनी श्रमिकों को ऊंचाई की बीमारी, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, चक्कर आना और नाक से खून बहने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

चीन का यह क्षेत्र भारत के साथ उसकी लंबी विवादित सीमा के ऊपर स्थित है। 2017 में दोनों देशों के गतिरोध और 2020 में घातक झड़पों के बाद चीन ने इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति तेजी से बढ़ाई है। आज के समय में चीन के कम से कम आठ हवाई अड्डे और हेलीपोर्ट सीमा के करीब स्थित हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 April 2026
माले: चीन के जासूसी जहाज ने ऐसा लगता है कि एक बार फिर से हिंद महासागर क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम पूरा कल लिया है। उसरे रिसर्च जहाज 'शी यान 6'…
 25 April 2026
काठमांडू: नेपाल में बालेन शाह की सरकार के आदेश के बाद कस्टम जांच बढ़ाए जाने के बाद भारतीय सीमा से लगे एंट्री पॉइंट असामान्य रूप से शांत हो गए हैं। इसके…
 25 April 2026
वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने चीन की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि उसने अरबों डॉलर का ईरानी तेल खरीदा था। यह कदम वाइट हाउस के उस व्यापक…
 25 April 2026
तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने चुपचाप प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने अपनी सालाना मेडिकल जांच के नतीजे भी सार्वजनिक किए। 76…
 25 April 2026
इस्लामाबाद: होर्मुज स्ट्रेट संकट ने दक्षिण एशियाई देशों पर गंभीर असर डाला है और भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत बाकी के देश बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में पाकिस्तान के…
 25 April 2026
मनीला: अमेरिका ने जापान और फ‍िलीपींस समेत कई सहयोगी देशों के साथ मिलकर सोमवार से फ‍िलीपींस में बाल्किस्‍तान 2026 नौसैनिक अभ्‍यास शुरू किया है। इस अभ्‍यास को जमीन से लेकर समुद्र…
 25 April 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के दौरे पर पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की है। अराघची शुक्रवार देर रात ईरानी प्रतिनिधिमंडल के…
 24 April 2026
ढाका: बांग्लादेश की वायु सेना में कुछ अधिकारियों और एयरमैन के पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के साथ गठजोड़ का पता लगने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इसके बाद वायु सेना की…
 24 April 2026
तेल अवीव: पूरी दुनिया की नजर इजरायल के ईरान और लेबनान के साथ तनाव पर बनी हुई है। वहीं, इन सबके बीच तेल अवीव हजारों किलोमीटर दूर भारत में एक ऑपरेशन…
Advt.