भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ने के कारण खरीफ फसलों पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। 5 अगस्त तक प्रदेश भर में औसतन 16.27 इंच बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 19.97 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
इस तरह राज्य में अब तक सामान्य से 19% कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की इस बेरुखी के चलते खेतों में खड़ी धान, सोयाबीन और मक्का की फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की गंभीर आशंका बन गई है।