ट्रायल के दौरान बसों के संचालन, रूट की व्यवहारिकता, चार्जिंग व्यवस्था और तकनीकी खामियों की जांच की जा रही है। यह ड्राय रन होने से यात्रियों के लिए सफर की मनाही है। हालांकि, पार्षदों को बैठाकर ट्रायल रन में शामिल किया जाएगा।
ऐसे होगा संचालन
ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो शिफ्ट में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक रही। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक रहेगी।
पुराने भोपाल से कोलार तक जुड़ेगा रूट
लेक्ट्रिक बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल होते हुए बोर्ड ऑफिस तक ले जाया जा रहा है। यहां से बसें भोपाल रेलवे स्टेशन(प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़ चीचली रूट तक चलेंगी। ट्रायल के दौरान इन मार्गों पर बस संचालन में आने वाली दिक्कतों और यातायात दबाव का आकलन किया जा रहा है।
21 बसें पहुंचीं, 20 और आएंगी
अधिकारियों के अनुसार भोपाल में अबतक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10 से 12 दिन में 20 और नई बसें आने की उम्मीद है। इसके बाद शहर में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा और बढ़ जाएगा। बसों के संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग व्यवस्था भी तैयार कर ली गई है। यहां 11 चार्जर पाइंट लगाए जा चुके हैं। ताकि, नियमित संचालन शुरू होने के बाद बसों को चार्जिंग की समस्या का सामना न करनापड़े। ट्रायल सफल होने के बाद यात्रियोंके लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।