Select Date:

कच्‍चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की तेजी का आपकी जेब से सीधा कनेक्‍शन, पूरा गणित

Updated on 31-03-2026 11:30 AM
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। इसके कारण कच्चे तेल की ग्‍लोबल कीमतें बढ़ी हैं। कीमतों में यह इजाफा भारत में महंगाई को काफी बढ़ा सकता है। केयरएज ग्‍लोबल आईएफएससी लिमिटेड की सीईओ रेवती कस्तुरे ने यह आशंका जताई है। कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की इन्‍फ्लेशन 55-60 बेसिस पॉइंट (0.55% से 0.60%) तक बढ़ सकती है।

कस्तुरे ने एएनआई को एक ईमेल इंटरव्यू में बताया, 'वित्त वर्ष 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमतों में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत की मुख्य महंगाई दर 55-60 बेसिस पॉइंट तक बढ़ सकती है। कारण है कि सीपीआई बास्केट में ईंधन का हिस्सा काफी ज्‍यादा है।'उन्होंने कहा कि तेल मार्केटिंग कंपनियां शुरुआती असर का कुछ हिस्सा खुद झेल सकती हैं। लेकिन, लंबे समय तक कीमतें ज्‍यादा रहने पर इसका बोझ आखिरकार उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा। इससे महंगाई और बढ़ जाएगी।

क्‍यों भारत पर ज्‍यादा असर पड़ने के आसार?

  • भारत पर इसका असर खास तौर पर ज्‍यादा इसल‍िए पड़ सकता है क्‍योंक‍ि वह पश्चिम एशिया पर बहुत ज्‍यादा निर्भर है।
  • 2025-26 के पहले 10 महीनों में भारत के कच्चे तेल और पेट्रोलियम आयात का लगभग 51 फीसदी हिस्सा पश्चिम एशिया से ही आया था।
  • अभी क्रूड की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हैं, ज‍िससे आयात की लागत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है; महंगाई का जोखिम बढ़ा है।
  • तेल की कीमतें अधिक होने से चालू खाता घाटा (सीएडी) भी बढ़ सकता है ज‍िससे आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।

चुनौत‍ियों के बावजूद भारत की ग्रोथ ठीक रहेगी

कस्तुरे ने कहा, 'तेल की कीमतें ज्‍यादा होने से वित्त वर्ष 2026-27 में चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है। औसत कीमत में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी पर सीएडी 30-40 बेसिस पॉइंट तक बढ़ सकता है।'इन चुनौतियों के बावजूद उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की विकास दर 6.5 फीसदी से 6.8 फीसदी के बीच रहेगी। इससे मजबूत घरेलू मांग को सहारा मिलेगा।करेंसी पर भी दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुझान बढ़ने से डॉलर मजबूत हो सकता है। इससे भारतीय रुपये पर दबाव पड़ेगा।' उन्होंने यह भी बताया कि सीएडी ज्‍यादा होने से रुपया और कमजोर हो सकता है।

सीईओ ने दी यह चेतावनी

कस्तुरे ने निर्यात और रेमिटेंस (विदेशों से आने वाले पैसे) पर भी जोखिमों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा, 'रेमिटेंस का एक तिहाई से ज्‍यादा हिस्सा खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं से आता है। अगर वहां चल रहे संघर्ष की वजह से क्षेत्रीय श्रम बाजार प्रभावित होते हैं तो रेमिटेंस का प्रवाह कमजोर पड़ सकता है।'उन्होंने आगे कहा कि शिपिंग में रुकावट आने से उस क्षेत्र को होने वाले एक्‍सपोर्ट पर भी असर पड़ सकता है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस क्षेत्र को होने वाला निर्यात 64 अरब डॉलर (कुल निर्यात का 14.7%) था।

महंगी ऊर्जा बढ़ा सकती है खर्च

सरकारी वित्त के मामले में बढ़ती ऊर्जा लागत से खर्च बढ़ सकता है। कस्तुरे ने कहा, 'एलएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी और उसके चलते उर्वरक की कीमतों पर पड़ने वाले दबाव से सब्सिडी का खर्च बढ़ सकता है।' उन्होंने यह भी बताया कि भारत के उर्वरक आयात का एक चौथाई से ज्‍यादा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है।हालांकि, कस्‍तुरे ने कुछ पॉजिटिव फैक्‍टर्स पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा, 'भारत की ओर से कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाने से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।' साथ ही यह भी जोड़ा कि इथेनॉल मिश्रण जैसे प्रयासों से ईंधन की मांग में हो रही बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल रही है।
सीईओ ने पॉलिसी फ्लेक्सिबिलिटी की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय बैंक ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखा है। इससे महंगाई के दबाव में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का जवाब देने के लिए लचीलापन बना रहता है।'

कस्तुरे ने आगे कहा, 'भारत को मजबूत व्यापक आर्थिक सुरक्षा कवच से लगातार फायदा मिल रहा है। इसे मजबूत घरेलू मांग, आरामदायक बाहरी स्थिति और राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के एक विश्वसनीय मार्ग का सहारा मिला हुआ है।' उन्होंने यह भी बताया कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी झटकों से निपटने में मदद कर सकता है


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 July 2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में करीब 2% गिरावट आई। बीएसई पर यह…
 22 July 2026
नई दिल्ली: पूंजी बाजार में एथिकल इन्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए NSE ने निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स की शुरुआत की है। इसमें निफ्टी 500 की उन कंपनियों को शामिल…
 22 July 2026
नई दिल्ली: निवेशक अक्सर इस ताक में रहते हैं कि कब भाव गिरे तो वे शेयर खरीदें और कब बढ़े तो बेचें। लेकिन आंकड़ों की मानें तो बाजार की इस…
 22 July 2026
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंपोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके…
 22 July 2026
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आई है…
 22 July 2026
नई दिल्ली: सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को एयरलाइन शुरू करने की अनुमति दे सकती है। इससे अडानी ग्रुप और जीएमआर एयरपोर्ट्स के एयरलाइन सेक्टर में उतरने का रास्ता साफ हो सकता…
 21 July 2026
नई दिल्ली: इस साल देश के सबसे बड़े आईपीओ एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की आज शेयर मार्केट में लिस्टिंग हो गई। हालांकि यह निवेशकों की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। बाजार…
 21 July 2026
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने जून तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट में…
 21 July 2026
नई दिल्ली: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते (CETA) से भारतीय बाजारों की रौनक बढ़ने वाली है। अब आम ग्राहकों के पास बाजारों में सामान चुनने के लिए और भी ज्यादा विकल्प होंगे।…
Advt.