सूचना मिलते ही फतेहगढ़ से दमकल रवाना हुई, लेकिन रास्ते में जगह-जगह लगे बैरिकेड्स के कारण उसे जीपीओ होकर करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। शुक्रवार को जामा मस्जिद में नमाज का समय होने से सड़कों पर भारी ट्रैफिक भी था। संकरे रास्तों और दुकानों के बाहर निकले बोर्ड व लोहे के एंगल से टकराकर दमकल वाहन का शीशा भी टूट गया। हालांकि चालक सुरक्षित रहा।
दमकल के पहुंचने से पहले स्थानीय व्यापारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। नगर निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुकान में रखा कपड़ा पूरी तरह नष्ट हो गया।
चौक बाजार में आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए नगर निगम ने 22 लाख रुपये की लागत से फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था, लेकिन उसकी टेस्टिंग तक नहीं हो सकी। नतीजतन यह सिस्टम उपयोग में नहीं आ पाया। यदि यह चालू होता तो आग पर जल्दी काबू पाने और नुकसान कम करने में मदद मिल सकती थी।