Select Date:

सीजफायर होते ही भारत के लिए आई गुड न्‍यूज, विश्‍व बैंक ने बढ़ा दिया ग्रोथ का अनुमान, दे दी शाबाशी

Updated on 09-04-2026 01:47 PM
नई दिल्‍ली: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर होते ही भारत के लिए गुड न्‍यूज आई है। विश्‍व बैंक ने बुधवार को भारत के ग्रोथ के अनुमानों को बढ़ा दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऐसा किया गया है। उसने पिछले अक्‍टूबर को भारत के विकास अनुमान को 6.3% रखा था। अब इसे बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। इसका कारण मजबूत घरेलू मांग और निर्यात में शानदार प्रदर्शन बताया गया है।

हालांकि, विश्‍व बैंक ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्‍ट में जारी संघर्ष से पैदा हुई मुश्किलों के कारण पिछले वर्षों की तुलना में विकास की रफ्तार थोड़ी धीमी रहने की उम्मीद है।

व‍िश्‍व बैंक का ताजा अपडेट और क्‍या कहता है?

विश्व बैंक के ताजा 'दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट' के अनुसार,
  • वित्त वर्ष 2025-26 में अर्थव्यवस्था के 7.6% की दर से बढ़ने का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.1% थी।
  • भारत की ग्रोथ मजबूत घरेलू मांग और निर्यात से सहारा मिलेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर का अनुमान थोड़ा ज्‍यादा यानी 6.9% लगाया है।

GST कटौती का फायदा द‍िखना शुरू होगा

रिपोर्ट में बताया गया है कि गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) में कटौती से वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में उपभोक्ता मांग को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं। साथ ही इसके चलते परिवारों की खर्च करने की क्षमता भी सीमित होने का डर है।

रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत में मजबूत मांग, खाने-पीने की चीजों की कीमतों का सामान्य होना और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें वित्त वर्ष 2026-27 में महंगाई को ऊपर ले जा सकती हैं।'

ये द‍िख रही हैं मुश्‍क‍िलें

बढ़ती अनिश्चितता और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण निवेश में भी धीमी रफ्तार से बढ़ोतरी की संभावना है। भले ही भारत के निर्यात को अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) जैसे बाजारों तक बेहतर पहुंच से फायदा मिल सकता है। लेकिन, प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में विकास की धीमी रफ्तार इन फायदों को कम कर सकती है।
लंबे समय में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से व्यापार में बढ़ोतरी को सहारा मिलने की उम्मीद है। विश्व बैंक ने इस बात पर जोर दिया कि ईयू और ब्रिटेन के साथ भारत के FTA सभी आय वर्गों के लोगों के बीच उपभोग और वास्तविक आय को बढ़ा सकते हैं।

पूरे दक्षिण एशिया के ल‍िए अनुमान घटाया

पूरे दक्षिण एशिया में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 2025 के 7% से घटकर 2026 में 6.3% रहने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में आई रुकावटें हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में उम्मीद से ज्‍यादा मजबूत विकास दर का मुख्य श्रेय भारत की घरेलू मांग और श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में आई तेजी को जाता है।
इस अल्पकालिक मंदी के बावजूद क्षेत्र के अन्य उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से आगे निकलने का अनुमान है। इसमें भारत विकास का मुख्य इंजन बना रहेगा। मजबूत घरेलू मांग, टैरिफ में कटौती और हाल ही में हुए व्यापार समझौते इस अनुमान के प्रमुख आधार हैं।

विश्व बैंक के दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष जोहान्स ज़ुट ने कहा, 'मुश्किल वैश्विक माहौल के बावजूद दक्षिण एशिया के विकास की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।'
उन्होंने विकास को बनाए रखने, रोजगार पैदा करने और मजबूती बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में सुधार, व्यापार में रुकावटें हटाना, कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाना और निजी पूंजी जुटाना जैसे कदम बहुत अहम होंगे।
रोजगार पैदा करने और लगातार विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्व बैंक ने शहरी विकास, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में खास नीतिगत कदमों की सिफारिश की। साथ ही, कारोबार के माहौल, नियमों में स्थिरता और सरकारी क्षमता में बड़े सुधारों का भी सुझाव दिया।

दक्षिण एशियाई देशों ने दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के औसत के मुकाबले दोगुनी औद्योगिक नीतियां लागू कीं। लेकिन, उनके नतीजे मिले-जुले रहे।

इस मामले में भारत दुन‍िया के टॉप 10 देशों में शाम‍िल

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022 से 2025 के बीच शुरू की गई नई औद्योगिक नीतियों की संख्या के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल रहा।
भारत की ओर से अपनी जीडीपी के आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने के बारे में विश्व बैंक ने कहा कि नई कार्यप्रणाली से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था पहले के अनुमान से थोड़ी छोटी थी। लेकिन, हाल के समय में इसका विकास तेजी से हुआ है।'
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर दक्षिण एशिया के देश ऐसे ढांचागत सुधार लागू करते हैं जिनसे विकास दर में 0.8 फीसदी की अतिरिक्त बढ़ोतरी होती है, तो वे जल्द ही उच्च-आय वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में भारत 2047 तक, बांग्लादेश 2060 तक, श्रीलंका 2050 तक और भूटान 2042 तक यह मुकाम हासिल कर सकते हैं।

विश्व बैंक समूह की दक्षिण एशिया की मुख्य अर्थशास्त्री फ्रांजिस्‍का ओन्सॉर्गे ने कहा, 'औद्योगिक नीतियों के मामले में दक्षिण एशिया की मिली-जुली सफलता का एक कारण इस क्षेत्र के कुछ देशों में नीतियों को लागू करने की सीमित क्षमता, वित्तीय गुंजाइश और बाजार का छोटा आकार होना है।'
उन्होंने आगे कहा कि जहां एक ओर व्यापक सुधारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर सोच-समझकर बनाई गई औद्योगिक नीतियां विशिष्ट आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित हो सकती हैं। इनमें औद्योगिक पार्क विकसित करना, कौशल बढ़ाना, बाजार तक पहुंच बेहतर बनाना और निर्यात की गुणवत्ता के मानकों को ऊंचा उठाना शामिल हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में कई सारी संस्थाएं और बैंक लोगों को होम लोन की सुविधा देते हैं। इनमें सरकारी और प्राइवेट दोनों ही शामिल हैं। वहीं, आज के समय में…
 31 August 2026
नई दिल्ली: तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार ने इस बार धान खरीद में रिकॉर्ड बना दिया है। प्रदेश सरकार की एजेंसियों द्वारा धान की खरीद 2025-26 में रिकॉर्ड 64.2 लाख…
 31 August 2026
नई दिल्ली: दूध से बने पनीर को सब जानते हैं। लेकिन वनस्पतियों से बने Analogue Paneer के बारे में किसी-किसी को पता है। इसे असली पनीर के नाम पर खूब…
 29 August 2026
नई दिल्ली: कल शुक्रवार को मेन बोर्ड से टेम्पसैंस इंस्ट्रूमेंट्स का आईपीओ शेयर बाजार में लिस्ट हुआ। इसने लिस्टिंग पर ही निवेशकों को करीब 110 फीसदी मुनाफा दिया। बाद में…
Advt.