वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने दिखाया दम
दूसरी ओर वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों जॉन कैम्पबेल और शाई होप ने दूसरे दिन के खेल में कुछ दम दिखाया। दोनों ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए और तीसरे विकेट के लिए 138 रनों की अटूट साझेदारी की। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने 173/2 रन बना लिए थे और वे अभी भी 97 रन पीछे थे। कुंबले ने वेस्टइंडीज की इस साझेदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी सावधानी और आक्रामकता का मिश्रण थी और इसमें वेस्टइंडीज क्रिकेट की असली झलक दिखी। उन्होंने बताया कि धीमी पिचें उनके खेलने के तरीके के लिए ज्यादा अनुकूल थीं जिससे उन्हें स्पिनरों के खिलाफ शॉट खेलने का पर्याप्त समय मिला। उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज के निचले क्रम के बल्लेबाजों फिलिप और पियरे के पहले इनिंग्स में सीधे खेलने और खुद को साबित करने के संदेश ने कैम्पबेल और होप को प्रेरित किया।कुंबले ने कहा कि कैम्पबेल ने भले ही पहली पारी में अजीब तरह से आउट हुए थे स्पिनरों के खिलाफ सकारात्मक बल्लेबाजी की और गेंदबाजी पर दबाव वापस डाला। शाई होप ने भी अपने हुनर और प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अनुशासित बल्लेबाजी से कैम्पबेल के प्रयास का शानदार ढंग से पूरक बने।


