'नेतन्याहू को मैंने जमकर डांटा, खामेनेई से मिलना चाहूंगा', ईरान से बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
Updated on
03-06-2026 05:22 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष पर कई बातें कही हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस युद्ध का बड़ा मकसद ये था कि ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाए और अब तेहरान इस पर मान गया है कि वह न्यूक्लियर वेपन नहीं रखेगा। उन्होंने इस दावे को नकार दिया कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बहकावे में आकर उन्होंने ईरान पर हमले का आदेश दिया था। हालांकि उन्होंने यह माना कि लेबनान के मुद्दे पर उन्होंने इजरायली पीएम नेतन्याहू को कड़ी फटकार लगाई है।
न्यूयॉर्क पोस्ट का पॉड फोर्स वन पॉडकास्ट पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को ईरान में जमीन पर सेना उतारने की जरूरत नहीं है। अमेरिका एयरफोर्स ने बमबारी करके ईरानी सेना को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान बुरी तरह कमजोर हो चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से वह मिलना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी ना किसी मोड़ पर मैं अयातुल्ला से जरूर मिलूंगा और शायद यह हो सके।
इजरायल मेरी वजह से: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान कहा कि अगर वह नहीं होते तो आज इजरायल का वजूद भी नहीं होता। ईरान से युद्ध के लिए नेतन्याहू के धोखे पर उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत तो मैंने ही की थी। मैंने इसकी शुरुआत इसलिए की क्योंकि हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते हैं।
नेतन्याहू को डांटने और पागल बुलाने पर ट्रंप ने कहा कि हां मैंने कहा था। मुझे हमेशा गुस्सा आता है। मैं उनसे नाराज था क्योंकि वह लगातार लेबनान से लड़ रहे थे। आप जानते हैं, एक समय मैंने कहा था कि अब हम इसे रोकेंगे। ऐसे में लेबनान के मुद्दे पर मेरी उनसे कुछ तीखी बातचीत हो गई।
होर्मुज जल्दी ही खुल जाएगा: ट्रंप
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के बारे में ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि ये अब बहुत दिनों तक नहीं चलेगा। यह मामला काफी जल्दी अपने आप सुलझ जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान में अमेरिका को सैन्य तौर पर बहुत बड़ी सफलता मिल रही है।ईरान के नए नेतृत्व के बारे में पूछे जाने परट्रंप ने पुष्टि की कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई बातचीत में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बिल्कुल बातचीत में शामिल हैं। लोग कहते हैं कि वह ही मंज़ूरी दे रहे हैं क्योंकि बहुत लंबे समय से ऐसा ही होता आया है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब अमेरिका और ईरान का युद्धविराम एक नाजुक मोड़ पर है। इजरायल के लेबनान में हमले जारी रखने से खफा ईरान ने बातचीत रोक दी है और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे एक बार फिर पश्चिम एशिया युद्ध की चपेट में आता दिख रहा है।
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