Select Date:

भारत और चीन एक-दूसरे के 'दुश्मनों' को दे रहे घातक हथियार, वियतनाम को ब्रह्मोस मिलना कितना बड़ा झटका?

Updated on 13-05-2026 06:45 PM
हनोई: चीन और भारत एक दूसरे के 'दुश्मनों' को घातक हथियारों से लैस कर रहे हैं। चीन पाकिस्तान को लड़ाकू विमान, मिसाइलों और एयर डिफेंस सिस्टम दे रहा है तो भारत, दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन का फन कुचलने ब्रह्मोस मिसाइल के सौदे कर रहा है। फिलीपींस के बाद वियतनाम भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने जा रहा है। इसका असर पूरे इंडो-पैसिफिक पर होगा और दक्षिण चीन सागर में चीन को इस सौदे से बहुत बड़ा झटका लगेगा। दक्षिण चीन सागर पर चीन अपना दावा करता है जबकि इसके किनारे के दूसरे देश जैसे फिलीपींस, इंडोनेशिया, वियतनाम, ब्रुनेई और मलेशिया जैसे देश भी इसपर दावा करते हैं। अभी फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइलों को दक्षिण चीन सागर में तैनात कर चुका है। वियतनाम का यही इरादा है जबकि इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों ने भी ब्रह्मोस खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।

ब्रह्मोस मिसाइल को चीन के एयर डिफेंस सिस्टम इंटरसेप्ट नहीं कर सकते ये पाकिस्तान के खिलाफ पिछले साल के संघर्ष से पूरी दुनिया को पता चल गया है। इसीलिए ब्रह्मोस के डिमांड में भारी उछाल आया है। वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम इस महीने भारत की यात्रा पर थे और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इसके बाद दोनों पक्षों ने ब्रह्मोस मिसाइलों की बिक्री पर बातचीत होने की पुष्टि की है। प्रस्तावित ब्रह्मोस सौदा जिसकी अनुमानित लागत 629 मिलियन अमेरिकी डॉलर से 700 मिलियन डॉलर के बीच है और जिसमें संभवतः प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता भी शामिल होगी, वियतनाम को फिलीपींस और इंडोनेशिया के बाद तीसरा विदेशी खरीदार बना देगा।

ब्रह्मोस मिसाइलों की दक्षिण चीन सागर में तैनाती करेगा वियतनाम!

ब्रह्मोस की 290 किलोमीटर की रेंज, सुपरसोनिक स्पीड और 200 किलोग्राम का वॉरहेड इसे डिस्ट्रॉयर और एम्फीबियस असॉल्ट शिप जैसे बड़े जंगी जहाजों पर हमला करने में सक्षम बनाता है। अगर ब्रह्मोस को उत्तरी वियतनाम में तैनात किया जाता है तो वे टोंकिन की खाड़ी में एक बहु-स्तरीय एंटी-शिप सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं जिससे हैनान से निकलने वाले चीनी जंगी जहाजों को खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा वियतनाम इन मिसाइल सिस्टम को अपनी व्यापक 'एंटी-एक्सेस/एरिया-डिनायल' (A2/AD) रणनीति में शामिल कर सकता है। इस रणनीति की खासियत यह है कि यह चीन की बेहतर नौसैनिक शक्ति का मुकाबला करने के लिए एक बहु-स्तरीय और असममित दृष्टिकोण अपनाती है।
ब्रह्मोस और VSM-01A मिसाइलें, किलो-क्लास पनडुब्बियां, भारतीय Su-30 लड़ाकू विमान और द्वीपों का धीरे-धीरे विस्तार करना ये सभी दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के क्षेत्रीय दावों को मजबूत करते हैं और साथ ही वियतनाम के खिलाफ जोर-जबरदस्ती करने पर भयानक अंजाम का खतरा बढ़ाते हैं। ब्रह्मोस जैसे अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों की बिक्री भारत के साथ वियतनाम की रक्षा साझेदारी को और भी मजबूत करती है। वियतनाम शायद अपने ब्रह्मोस सिस्टम के पुर्जों, रखरखाव, सॉफ्टवेयर अपडेट और संचालन के प्रशिक्षण के लिए भारत पर ही निर्भर रहेगा और इस तरह ये मिसाइलें दोनों पक्षों के बीच दीर्घकालिक सहयोग का एक मुख्य केंद्र बन जाएंगी।

दक्षिण चीन सागर में चीन की घेराबंदी!

भारत अपने दक्षिण-पूर्व एशियाई साझेदारों को ब्रह्मोस मिसाइलों की बिक्री कर रहा है जिससे इस क्षेत्र में रक्षा कूटनीति को बढ़ावा देने के भारत के मजबूत प्रयासों का संकेत है। ये मिसाइलें दक्षिण-पूर्व एशिया की सुरक्षा और भारत के क्षेत्रीय हितों के बीच एक सीधा रणनीतिक जुड़ाव स्थापित करती हैं। ऐसा करने से दक्षिण चीन सागर में चीन के लिए खतरा उत्पन्न होता है जबकि हिंद महासागर में उसके घुसने की क्षमता गंभीर तौर पर प्रभावित होती है। लिहाजा भारत ब्रह्नोस की बिक्री के साथ चीन को एक कठिन संदेश दे रहा है जिसमें साफ कहा जा रहा है कि हिंद महासागर से लेकर पड़ोसियों को अगर घेरने की कोशिश की जाएगी तो भारत भी जैसे को तैसा ही जवाब देगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.