हालांकि, परिवादी द्वारा सामान में 3.20 लाख रुपये मूल्य की वस्तुएं होने के दावे का ठोस प्रमाण नहीं दिया जा सका। इसलिए आयोग ने प्रति बैग 50 हजार रुपये के हिसाब से कुल 1.50 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।
45 दिनों में करना होगा भुगतान
20 अगस्त 2026 को जारी आदेश के मुताबिक इंडिगो को 45 दिनों के भीतर 1.50 लाख रुपये, 29 अप्रैल 2016 से भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करने होंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 7 हजार रुपये वादव्यय एवं अधिवक्ता शुल्क के रूप में देने होंगे।
परिवादी की ओर से अधिवक्ता अनिकेत लहरी और अपूर्व गोयल ने पैरवी की।