'ईरान के पास होर्मुज स्ट्रेट के नियंत्रण का अधिकार', रूसी राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र में किया तेहरान का खुला समर्थन
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28-04-2026 06:11 PM
न्यूयॉर्क: रूस ने बहुत बड़ी घोषणा करते हुए होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के अधिकार का समर्थन कर दिया है। ये अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साथ भारत और चीन के लिए भी बहुत बड़ा झटका है। रूस ने आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वसीली नेबेंजिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को नियंत्रित करने का अधिकार ईरान के पास है। राजदूत ने कहा कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही को सीमित करने और उसे नियंत्रित करने का पूरा अधिकार है।
रूस ने ना सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार का समर्थन किया है बल्कि रूसी दूत ने पश्चिमी देशों पर पाखंड और समुद्री डकैती का आरोप भी लगाया है। आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और दुनिया का लगभग 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है जिससे दुनिया के कई हिस्सों में तेल और गैस का संकट उत्पन्न हो गया है।
रूस ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के अधिकार का समर्थन किया
संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वसीली नेबेंजिया ने कहा "ईरान पर पूरी जिम्मेदारी डालने की कोशिश की गई मानो ईरान ने ही अपने पड़ोसियों पर हमला किया हो। युद्ध के समय कोई भी तटीय देश जिस पर हमला हुआ हो वह सुरक्षा के उद्देश्य से अपने क्षेत्रीय जल में जहाजों की आवाजाही को सीमित कर सकता है।" इसके अलावा नेबेंजिया ने पश्चिमी देशों की तुलना समुद्री लुटेरों से की और उन यूरोपीय देशों की आलोचना की जो काला सागर में रूसी व्यापारिक जहाजों पर यूक्रेन के हमलों का समर्थन कर रहे हैं।उन्होंने कहा "समुद्री लुटेरों के विपरीत जो अपने जहाजों पर खोपड़ी और हड्डियों वाला काला झंडा फहराते हैं, पश्चिमी देश अपने गैर-कानूनी कामों को 'एकतरफा जबरदस्ती वाले उपायों' का हवाला देकर छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।" 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत से ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले मार्ग को प्रभावी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि ईरान ने इस जलमार्ग को खोलने की पेशकश की थी लेकिन ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के चलते उसने अपना यह फैसला वापस ले लिया।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया प्रस्ताव क्या है?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका को देने के लिए पाकिस्तान को एक नया प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की पेशकश की है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई है बशर्ते अमेरिका देश और उसके बंदरगाहों पर लगी अपनी नाकेबंदी हटा ले। वह मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध को खत्म कर दे। तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली चर्चाओं को कूटनीतिक प्रक्रिया के किसी बाद के चरण के लिए टाल दिया जाए। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान की इस पेशकश को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।
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