ईरान ने अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों पर किए भयानक हमले, IRGC का जबरदस्त पलटवार, फिर युद्ध शुरू
Updated on
08-07-2026 02:17 PM
तेहरान: ईरान ने बहरीन और कुवैत समेत खाड़ी देशों में स्थिति अमेरिका के कम से कम 85 सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि अमेरिका की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किए जाने के बाद उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सेना के 85 ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के प्रेस टीवी के मुताबिक ईरानी सेना ने यह भी कहा कि उसने देश के दक्षिणी हिस्से में अमेरिका के MQ9 ड्रोन को मार गिराया है।
IRGC ने कहा कि हमलों में बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस और कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस को निशाना बनाया गया है। आपको बता दें कि इससे पहले देर रात अमेरिका ने भी ईरान में दर्जनों सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे उसके बाद तेहरान की तरफ से पलटवार किया गया है। ईरान ने अमेरिकी हमले को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। अमेरिका ने ईरान में होर्मोजगन और माहशहर में तटीय ठिकानों और गैर-सैन्य स्टेशनों पर हवाई हमले किए थे।
ईरान का अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भयानक पलटवार
IRGC ने अमेरिका के हमलों को ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार जुलूस से भी जोड़ा है और उसने कहा कि वॉशिंगटन इस 'ऐतिहासिक घटना' के महत्व को कम करने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिका ने ईरान पर क्यों हमले किए?
24 जून को ओमान और UN की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने खाड़ी में फंसे जहाजों को निकालने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के तट के पास एक नया अस्थायी कॉरिडोर बनाने की घोषणा की जिसकी देखरेख अमेरिका कर रहा था।
ईरान की सेना ने तत्काल इस कदम को खारिज कर दिया और कहा कि यह रास्ता बिना किसी बातचीत के घोषित किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने जहाजों को चेतावनी दी कि वे सिर्फ तेहरान की तरफ से मंजूर किए गए कॉरिडोर का ही इस्तेमाल करें।
इस चेतावनी के कुछ दिनों बाद ओमान वाले रास्ते का इस्तेमाल कर रहे दो जहाजों पर हमला हुआ जिससे IMO का निकासी प्लान रोकना पड़ा।
इसके जवाब में अमेरिका ने 26 और 27 जून को ईरान के दक्षिणी तट पर हमले किए जिसके बाद तेहरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की।
दोनों पक्षों ने 28 जून को लड़ाई रोक दी और 1 जुलाई को कतर में आगे की अप्रत्यक्ष तकनीकी बातचीत की।
लेकिन मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन और जहाजों पर हमले हुए जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ और तेज हमले किए। इसके बाद तेहरान ने बहरीन और कुवैत पर और हमले करके जवाब दिया है।
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