ईरान ने शुरू किया जवाबी हमला, अमेरिकी बेस को बनाया निशाना, कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक
Updated on
28-05-2026 11:49 AM
तेहरान: अमेरिका की मिलिट्री स्ट्राइक के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू किए हैं। ईरान की तस्नीम न्यूज ने बताया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। IRGC ने कहा कि यह हमला पोर्ट सिटी बंदर अब्बास के पास गुरुवार सुबह तड़के हुए हवाई हमले के जवाब किया गया है। ईरानी बल ने यह नहीं बताया कि जिस अमेरिकी बेस पर हमलाकिया गया वह कहां स्थित है।
इस बीच कुवैत के ऊपर भी मिसाइल और ड्रोन हमले होने की जानकारी सामने आई है। समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, कुवैत की सेना ने कहा है कि वह मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। कुवैती सेना ने X पर एक पोस्ट में कहा, "कुवैत की हवाई सुरक्षा प्रणाली इस समय दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है।"
IRGC की अमेरिका को धमकी
ईरान की IRGC ने कहा कि दुश्मन की किसी भी आक्रामकता का जवाब जरूर दिया जाएगा और यह भी जोड़ा कि आगे कोई सैन्य कार्रवाई होती है तो और भी अधिक निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका का ईरान पर हवाई हमला
इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात हमले किए। इस दौरान एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिका की सेना और क्षेत्र में चल रहे वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बताया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये कार्रवाई अमेरिकी बलों तथा समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई। सीबीएस न्यूज ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की तरफ से छोड़े गए ड्रोन भी हवा में ही मार गिराया।सीबीएस न्यूज के हवाले से सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिका ने इन हमलों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया और कहा कि उनके बीच जो युद्धविराम है, वह अभी लागू माना जा रहा है। इस बीच, ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट शहर के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे (2200 जीएमटी बुधवार) तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। यह शहर होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है।
ईरान ने एक्टिव किया एयर डिफेंस
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिए गए और अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए कि धमाकों की आवाज कहां से आई। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक दबाव की वजह से ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चल रही बातचीत से अमेरिका के मुताबिक सही समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को लग रहा था कि मध्यावधि चुनावों का दबाव उनकी बातचीत की स्थिति को कमजोर कर देगा। ट्रंप ने कहा, “मुझे मध्यावधि चुनावों की परवाह नहीं है।” ईरान के साथ चल रही बातचीत पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अभी मौजूदा शर्तों से संतुष्ट नहीं है और अगर उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है।
ट्रंप ने यह भी कहा, “वे बस किसी तरह समझौता करना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है।” इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें एक ड्राफ्ट समझौते का जिक्र किया गया था। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका ईरान के पास वाले इलाकों से अपनी सेना हटाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक रोक खत्म करेगा।
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