स्विटजरलैंड वार्ता में ईरान की बल्ले-बल्ले, तेल निर्यात पर रोक हटी, नाकेबंदी खत्म तो फ्रीज संपत्ति भी जारी, अराघची खुश
Updated on
22-06-2026 01:20 PM
बर्गेनस्टॉक: अमेरिका के साथ हो रही बातचीत ईरान के लिए जमकर फायदेमंद साबित हो रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसका खुलासा किया है। अराघची ने बताया कि ईरान के लिए तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी रोक हटा दी गई है। इसके साथ ही अमेरिकी नाकेबंदी भी खत्म हो गई है। अराघची ने इसका क्रेडिट पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता को दिया है। ईरानी विदेश मंत्री की टिप्पणी स्विटजरलैंड में अमेरिका के साथ बातचीत का पहला दौर पूरा होने के बाद आई है।
लेबनान युद्ध खत्म करने को लेकर बड़ी प्रगति
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा, "पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। उन्होंने आगे कहा, ईरान के लिए तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी रोक हटा दी गई है। नाकेबंदी खत्म हो गई है, कुछ फ्रीज संपत्ति जारी कर दी गई है और बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू की गई है।"
लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल असली परीक्षा
उन्होंने आगे कहा, पहली असली परीक्षा लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल है। रविवार को स्विटजरलैंड में वार्ता में अमेरिका और ईरान लेबनान में सैन्य अभियानों की समाप्ति पर नजर रखने के लिए एक डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाने पर सहमत हुए हैं। कतर और पाकिस्तान ने सोमवार को एक संयुक्त बयान में इसकी जानकारी दी है।
स्विटजरलैंड में वार्ता का पहला दौर खत्म
हालांकि, यह सेल किस तरह का होगा, इसमें कौन-कौन होंगा और यह किस तरह से काम करेगा, इस बारे में बयान में कोई और जानकारी नहीं दी गई है। बयान में कहा गया कि वीकेंड पर लेक ल्यूसर्न समिट में अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर पूरा हो गया है। इसके अनुसार, सभी पक्ष एक उच्च-स्तरीय कमेटी बनाने पर सहमत हुए हैं, जो मध्यस्थता प्रक्रिया की निगरानी करेगी।संयुक्त बयान के अनुसार, सभी पक्ष परमाणु, प्रतिबंध और विवाद सुलझाने जैसे मुद्दों पर केंद्रित वर्किंग ग्रुप का नेतृत्व जारी रखने पर सहमत हुए हैं। अमेरिका और ईरान 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए भी सहमत हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण ऊर्जा जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही के लक्ष्य को हासिल करने के साथ ही घटनाओं और गलतफहमी से बचने के भी प्रयास किए गए हैं।
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