होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलेगा ईरान, संसद ने दी मंजूरी, अमेरिका-इजरायल पर बैन
Updated on
31-03-2026 11:21 AM
तेहरान: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेने का फैसला किया है। ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रबंधन योजना को मंजूरी दी है। यह योजना होर्मुज के रणनीतिक समुद्री गलियारे से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने के उपाय करती है। समिति ने इजरायल और अमेरिका के जहाजों की होर्मुज में एंट्री बैन कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। ऐसे में यहां जहाजों से टोल लेने की सूरत में ईरान को एक बड़ी कमाई इससे हो सकती है।
ईरान के सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने घोषणा की कि इस योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। इसके मुख्य बिंदुओं में जलडमरूमध्य के लिए सुरक्षा इंतजाम, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय व्यवस्थाएं और रियाल-आधारित टोल प्रणाली का कार्यान्वयन शामिल है।
इजरायल-अमेरिका पर रोक
ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों के होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर साफतौर पर रोक लगाई गई है। साथ ही उन देशों के जहाजों पर रोक लगाई गई है, जो ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों में शामिल हैं। इसके अलावा जलडमरूमध्य के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने में ओमान के साथ सहयोग की रूपरेखा तय की गई है।इस नई टोल व्यवस्था की घोषणा ईरान के सरकारी टेलीविजन पर की गई है। इसमें कहा गया कि ईरान ओमान के सहयोग से इसे लागू करेगा। ईरान का फैसला दुनिया के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कच्चे तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। यह मार्ग ईरान और ओमान के बीच है।
अमेरिका को सख्त संदेश
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब उसका अमेरिका-इजरायल गठबंधन से भीषण युद्ध चल रहा है। 28 फरवरी से चल रहे इस युद्ध में ईरान ने होर्मुज को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में इस अहम समुद्री मार्ग का यातायात बाधित किया है।अमेरिका ने इस रूट को खुलवाने की धमकी दी है लेकिन ईरान इससे बेअसर दिखा है। ईरान ने इजरायल, अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस रूट से वही जहाज गुजर रहे हैं, जिनको ईरानी सेना इजाजत दे रही है। होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
होर्मुज से दुनिया का बड़ा हिस्सा प्रभावित
होर्मुज जलडमरूमध्य 161 किलोमीटर लंबा है। इस रास्ते का इस्तेमाल उपयोग पश्चिम एशिया के प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देश करते हैं। ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को तगड़ा झटका लगा है और वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। दुनियाभर में इसरा असर दिख रहा है।
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए सिरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्ते हैं और इसी वजह से…
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…