अमेरिकी डेलीगेशन के साथ आज पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे जेडी वेंस, क्या ईरान से मिल गया बैठक में आने का संकेत?
Updated on
21-04-2026 02:19 PM
वॉशिंगटन: ईरान के साथ सीजफायर समझौते पर बातचीत के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आज (मंगलवार) पाकिस्तान जा सकते हैं। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि वेंस के वॉशिंगटन से मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के लिए रवाना होने की उम्मीद है। उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद आएंगे। अभी इस बातचीत पर संकट बरकरार है क्योंकि ईरानी डेलीगेशन के इस्लामाबाद आने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि वेंस के आने को ईरान की ओर से इस्लामाबाद आने के संकेत की तरह से देखा जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ऐलान किया था उनकी टीम ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगी। उन्होंंने शुरू में वेंस के पाकिस्तान नहीं जाने की बात कही थी। बाद में वाइट हाउस ने साफ किया कि अमेरिकी डेलीगेशन की अगुवाई वेंस ही करेंगे। अमेरिकी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने के दिन में भी बदलाव हुआ है। ट्रंप ने पहले सोमवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के जाने की बात कही थी लेकिन अब मंगलवार का दिन सामने आया है।
इस्लामाबाद पर दुनिया की नजर
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान जा रहे हैं, जब ईरान-अमेरिका का सीजफायर खत्म होने वाला है। डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हो पाता है तो वे ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर बमबारी का एक नया अभियान शुरू कर देंगे। इस्लामाबाद में बातचीत में प्रगति होती है तो कम से कम सीजफायर के आगे बढ़ने की उम्मीद है।
वाइट हाउस ने सोमवार का दिन तेहरान से इस संकेत का इंतजार करते हुए बिताया कि वह अपनी बातचीत करने वाली टीम को इस्लामाबाद भेजेगा या नहीं। ईरानी पक्ष में वार्ता में जाने के लिए सहमति नहीं बन पा रही है। माना जा रहा है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से बातचीत के लिए अमेरिका पर नाकेबंदी खत्म करने का दबाव डाला जा रहा है।
पाकिस्तान की ईरान को मनाने की कोशिश
ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ है। मिस्र और तुर्की भी इसमें भूमिका निभा रहे हैं। मध्यस्थों ने ईरानी पक्ष से बैठक में शामिल होने का आग्रह किया है लेकिन तेहरान की ओर से अमेरिकी रवैये पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ईरान का कहना है कि धमकी और दबाव से उनको नहीं झुकाया जा सकता है। पाकिस्तानी लगातार अमेरिका और ईरान के संपर्क में है।
अमेरिका और ईरान की दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही है। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक भारी संख्या में तैनाती की गई है। ईरान और अमेरिका के डेलीगेशन बीच पहले दौर की बातचीत इस्लामाबाद में बीते हफ्ते शनिवार शाम से रविवार तक (11-12 अप्रैल) हुई थी।
ईरान और अमेरिका के बीच बीते हफ्ते 21 घंटे तक चर्चा हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका था। पहले दौर की बेनतीजा चर्चा के बाद ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल अब एक बार फिर से इस्लामाबाद में मिलने की उम्मीद है। ईरान की ओर से एक बार फिर बाघेर गालिबाफ और अब्बास अराघची डेलीगेशन का नेतृत्व कर सकते हैं।
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