भोपाल। मध्य प्रदेश अब गारमेंट सेक्टर में बड़ी छलांग लगाने के लिए आगे बढ़ रहा है। धार जिले में पीएम मित्र पार्क पर काम प्रारंभ हो गया है। यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। खेत से लेकर कारखाने (फार्म टू फैक्ट्री) तक पूरी वैल्यू चेन तैयार होगी। उज्जैन में अब प्रतिवर्ष आठ करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। यहां यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है, जो अगले माह तक पूरा हो जाएगा।
इस मॉल में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से देशभर के उत्पादों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हथकरघा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित बुनकरों एवं शिल्पियों के सम्मान समारोह में कही।
साथ ही मृगनयनी डॉट कॉम और ओडीओपी मार्ट एमपी ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ कर 15 बुनकरों और शिल्पियों को पुरस्कृत किया। बुनकर-हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन कर मिट्टी से शिवलिंग (पिंडी) भी बनाया। उन्होंने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रदेश में ऐसे कई कलाकार हुए हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को विश्व पटल पर सुशोभित किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के महामंत्र के अनुसार ठोस कदम उठा रहे हैं। प्रदेश के सभी बुनकरों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से जुड़े कलाकारों और विशेष तौर पर 'एक जिला एक उत्पाद' को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए दो ई-कॉमर्स वेब पोर्टल की शुरुआत की है। इससे मृगनयनी एम्पोरियम के प्रोडक्ट्स की डिलीवरी देश के 16 हजार से अधिक स्थानों पर सुनिश्चित हो रही है। पहले चरण में मृगनयनी पोर्टल पर 460 से अधिक उत्पाद पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हथकरघा और शिल्पकला को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। शिल्पकार और कलाकारों के हाथों में चमत्कारिक प्रतिभा होती है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पूर्व महेश्वरी साड़ी के माध्यम से देशभर के बुनकरों को संरक्षण प्रदान किया। वर्तमान युवा पीढ़ी भी अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को अपना रही है। अब नए पोर्टल से यह उत्पाद ऑनलाइन शॉपिंग के लिए युवाओं के लिए उपलब्ध होंगे।
वहीं, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों पर लेबलिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्रदान करने की शुरुआत की गई है। अब हमारे उत्पाद देश के विभिन्न शहरों के बाजारों में उपलब्ध होंगे।
साकिब अहमद (चंदेरी), रोहित रूसिया (छिंदवाड़ा), मसीहउद्दीन (चंदेरी), मोहम्मद गुलफाम (चंदेरी), सिद्दीक अंसारी (महेश्वर), मोहम्मद रफीक छीपा (उज्जैन), मंजुला बंडे (महेश्वर), पृथ्वीराज सिंह कोली (चंदेरी), महमूद अहमद (चंदेरी), सतीश विश्वकर्मा (ग्वालियर), वकीलन बी (महेश्वर), शेषराव निमजे (सौंसर), दीपा अहिरवार (इंदौर), तानसिंह बामने (भोपाल) और हरीश धवन (ग्वालियर)।