मार्केट में तेजी के बीच लेंसकार्ट के शेयरों में गिरावट, कलावा-सिंदूर विवाद से पहले था ऑल-टाइम हाई पर
Updated on
20-04-2026 02:00 PM
नई दिल्ली: ड्रेस कोड विवाद के कारण सुर्खियों में आई कंपनी लेंसकार्ट के शेयरों में आज कारोबार के दौरान करीब चार फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। स्टॉक मार्केट में तेजी के बावजूद इस आईवियर रिटेल कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है। कंपनी का शेयर पिछले सत्र में 534.85 रुपये पर बंद हुआ था और आज यह 530.05 रुपये खुला। कारोबार के दौरान यह करीब 5 फीसदी गिरावट के साथ 508.70 रुपये तक फिसला। 15 अप्रैल को यह 559.80 रुपये के ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था। लेकिन उसके बाद इसमें 7 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है।
इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 90 हजार करोड़ रुपये से कम रह गया है। लेंसकार्ट का आईपीओ पिछले साल नवंबर में आया था। यह 31 अक्तूबर को खुला था और 4 नवंबर को बंद हुआ था। इसका इश्यू प्राइस 402 रुपये था और यह 28.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 10 नवंबर को हुई थी। इस साल इसकी कीमत में 17.58 फीसदी तेजी आई है जबकि पिछले छह महीने में यह 27.91% चढ़ा है।
कंपनी ने माफी मांगी
इस बीच कंपनी ने एक कथित आंतरिक ग्रूमिंग दस्तावेज को लेकर सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने नया ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए वह अपने दिशानिर्देशों को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रही है।
नई नीति में टीम के सदस्यों द्वारा आस्था से जुड़े सभी प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को स्वीकार किया गया है। कंपनी ने कहा, 'यदि हमारे कार्यस्थल से जुड़े किसी भी संचार से किसी को ठेस पहुंची हो या ऐसा महसूस हुआ हो कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें गहरा खेद है। यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी।'
क्या है मामला?
यह विवाद उस समय सामने आया जब एक कथित कर्मचारी ग्रूमिंग नीति का दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बिंदी और तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध होने का दावा किया गया था। इस पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने नाराजगी जताई और बहिष्कार की मांग की। इस मामले पर कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल ने पहले स्पष्ट किया था कि वायरल दस्तावेज ‘पुराना संस्करण’ है और कंपनी की वर्तमान नीति को नहीं दर्शाता।
उन्होंने कहा था, “यह दस्तावेज हमारी मौजूदा दिशानिर्देशों को प्रतिबिंबित नहीं करता। हमारी नीति में किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति, जैसे बिंदी और तिलक, पर कोई प्रतिबंध नहीं है।’’ उन्होंने इसको लेकर उत्पन्न भ्रम तथा चिंता के लिए खेद जताया था। कंपनी ने अपने ताजा बयान में कहा कि उसके 2,400 से अधिक स्टोर ऐसे लोगों द्वारा संचालित हैं जो अपने विश्वास और परंपराओं के साथ काम करते हैं।
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