पहले चरण में करीब सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक माह के भीतर इसका प्रस्ताव कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।
हम खाद्य एवं औषधि प्रशासन का वर्ष 2047 की दृष्टि से मास्टर प्लान तैयार कर रहे हैं। लैबों की क्षमता बढ़ाने और उन्नत करने के लिए नई मशीनें खरीदी जाएंगी। गुजरात मॉडल पर सभी जिलों में सर्वसुविधा युक्त कार्यालय होगा। उज्जैन में रेफरल लैब बनाने का प्रस्ताव है। - नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग