पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपए लेते समय हरिप्रसाद ट्रैप हो गया। इसके बाद लोकायुक्त टीम जेके रोड स्थित नापतौल विभाग कार्यालय पहुंची और नसीमुद्दीन को भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुख्य आरोपी बनाते हुए प्रकरण दर्ज किया।
प्रगति पेट्रोल पंप के संचालक अमित सिंह बघेल ने 24 जून को लोकायुक्त एसपी सुनील पाटीदार से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि विभाग ने निरीक्षण के दौरान उनके पेट्रोल पंप के तीन नोजल सील कर दिए थे। आरोप था कि उनसे 1 से 5 मिलीलीटर तक कम पेट्रोल निकल रहा है।
बाद में कंपनी के अधिकृत जांच अधिकारी ने उन्हीं नोजल की दोबारा जांच की, जिसमें वे निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। इसके बावजूद केस खत्म करने और सील हटवाकर दोबारा स्टैंपिंग कराने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी।
नसीमुद्दीन: राशि कागज पर लिखकर तुरंत काट देते थे, ताकि सबूत न बचे
नसीमुद्दीन का मूल पद वरिष्ठ निरीक्षक है और अभी भोपाल जोन में प्रभारी डिप्टी कंट्रोलर हैं। नसीमुद्दीन घूस के लिए अलग-अलग जगह बुलाते, पर खुद सामने नहीं आते थे। रिश्वत की रकम कागज पर लिखकर तुरंत काट देते थे, ताकि ऑडियो या प्रत्यक्ष सबूत न बने सके।
हरिप्रसाद: रिटायर होने के 2 साल बाद भी नापतौल विभाग में कर रहे थे वसूली
हरिप्रसाद वर्ष 2023 में निरीक्षक पद से रिटायर हुए थे। लोकायुक्त के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद भी हरिप्रसाद विभागीय मामलों में नसीमुद्दीन के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। गुरुवार को घूस की रकम जैसे ही अपनी कार में रखी तभी लोकायुक्त पुलिस ने दबोच लिया।
फोन आया- ‘साहब ने जो कहा है, मुझे दे दो’ गुरुवार को फरियादी को पहले मनोहर डेयरी बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद हरिप्रसाद पटेल का फोन आया- ‘बोर्ड ऑफिस के पास आ जाओ, साहब ने जो कहा है, वह मुझे लेना है।’ इसके बाद इंडियन कॉफी हाउस में हरिप्रसाद ने 1 लाख रुपए अपनी कार में रखे। तभी डीएसपी अजय मिश्रा व टीम ने उन्हें पकड़ लिया।