Select Date:

MP-UDC में गुजरात की कंपनी का बड़ा फर्जीवाड़ा, 6.57 करोड़ की जाली बैंक गारंटी पर दिया ठेका, भोपाल में FIR दर्ज

Updated on 05-08-2026 11:40 AM

भोपाल। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपी-यूडीसी) ने जाली बैंक गारंटी के आधार पर गुजरात की एक कंपनी को करोड़ों रुपयों का ठेका दे दिया। काम पूरा होने के बाद जब बैंक से पत्राचार हुआ तो फर्जीवाड़े का पता चला।

अब एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी ने भोपाल के एमपी नगर थाने में सूरत की इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड- (ज्वाइंट वेंचर विद साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड) के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है।

एमपी-यूडीसी मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों करती है काम

पुलिस के अनुसार, एमपी-यूडीसी मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नल-जल और सीवरेज परियोजनाओं का क्रियान्वयन कराती है। 2024 में इस सरकारी कंपनी ने टेंडर के जरिए एडीबी फेज-1, एडीबी फेज-2 और विशेष निधि के अंतर्गत मंडलेश्वर परियोजना का काम आवंटित किया था। यह काम इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्रा.लि. को मिला।

अनुबंध के तहत इस कंपनी ने निष्पादन और सुरक्षा प्रतिभूति के रूप में करीब 6.57 करोड़ रुपये की आठ बैंक गारंटी जमा कराई थीं। यह बैंक गारंटी बैंक आफ इंडिया की साकीनाका (मुंबई) और आइसीआइसीआइ बैंक, तीनहाट नाका (ठाणे) के नाम से बनाई गई थी।

बैंक गारंटी सही होने की पुष्टि

एमपी-यूडीसी के अधिकारियों ने बैंक गारंटी को पुष्ट करने के लिए बैंकों के अधिकृत पते पर जाने के स्थान पर ई-मेल भेजा, जो बैंक गारंटी वाले दस्तावेज पर दर्ज थीं। जवाब में बैंक गारंटी सही होने की पुष्टि भी मिल गई।

इस पुष्टि के आधार पर अनुबंध प्रभावी कर दिए गए और संबंधित फर्म ने परियोजनाओं का काम पूरा कर लिया। बाद में बैंक गारंटी के मूल दस्तावेज रजिस्टर्ड डाक से संबंधित बैंक शाखाओं को भेजकर भौतिक सत्यापन कराया गया।

तीनों बैंक गारंटी फर्जी

सत्यापन के दौरान बैंक आफ इंडिया की साकीनाका (मुंबई) शाखा ने स्पष्ट किया कि उसके नाम से प्रस्तुत पांचों बैंक गारंटी कभी उनके द्वारा जारी हुई ही नहीं। आइसीआइसीआइ की तीनहाट नाका (ठाणे) शाखा ने भी अपने नाम से प्रस्तुत तीनों बैंक गारंटी को फर्जी बताया। इसके बाद एमपी-यूडीसी को फर्जीवाड़े का एहसास हुआ।

संचालकों के नंबर भी बंद

पुलिस ने जांच के दौरान कंपनी के संचालक से पूछताछ के लिए उपलब्ध मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। इसके कारण उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। पुलिस अब कंपनी के संचालकों और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बता दें कि बैंक गारंटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि ठेकेदार शर्तों का पालन न करे तो उसकी राशि जब्त की जा सके।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 09 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए संचालित लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 40th Installment) का इंतजार अब बढ़ गया है। डॉ मोहन यादव सरकार इस…
 09 September 2026
 भोपाल। बिजली कंपनी की लापरवाही के चलते अपना हाथ गंवा चुका सीहोर का एक युवा किसान न्याय की आस में हाथ ठेले पर लेटकर भोपाल संभाग कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। पीड़ित…
 09 September 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई दौरे के तीसरे दिन 8 सितंबर को निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से…
 09 September 2026
भोपाल। मिसरोद थाना क्षेत्र की फार्च्यून सोम्या हेरिटेज कॉलोनी में मंगलवार रात करीब नौ बजे तेज रफ्तार एसयूवी चालक ने जमकर उत्पात मचाया। एसयूवी ने एक के बाद एक करीब…
 09 September 2026
सागर। बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद बुधवार को सागर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर मामले की…
 08 September 2026
भोपाल, 15 जून से शुरू हुई नोटिस-सीलिंग और पंचनामा की कार्रवाई अब बेअसर होती दिख रही है। नगर निगम के अफसर पंचनामा बनाने के बाद प्रतिष्ठानों की ओर दोबारा देखना तक…
 08 September 2026
भोपाल, प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल की नसीहत का असर दिखने लगा है। रविवार शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र यति ने भोपाल जिले की जिला कार्यसमिति की…
 08 September 2026
भोपाल, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल में ‘रूमा समिट 2026’ का आयोजन किया गया। एलएनसीटी ऑडिटोरियम में हुए इस सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने रूमेटोलॉजी से जुड़ी बीमारियों की पहचान और…
 08 September 2026
भोपाल, सागर में जहरीली शराब से हुई 20 से अधिक मौतों के बाद आबकारी विभाग ने अब अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी…
Advt.