सेना और राजनेताओं में खींचतान
पर्यवेक्षकों का कहना है कि आने वाले दिन CDF की औपचारिक नियुक्ति और मरी प्लान के व्यापक प्रभावों के बारे में स्पष्टता आएगी। यह पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य समीकरणों के लिए आने वाले वर्षों का रुख तय कर सकता है। यह पूरा मामला पाकिस्तान की राजनीति और सेना के बीच चल रही खींचतान को दिखाता है।सैन्य सूत्र ने बताया है कि असीम मुनीर का CDF बनना लगभग तय है। देरी सिर्फ कागजी कार्रवाई और राजनीतिक सहमति की है। मरी प्लान के तहत होने वाली नियुक्तियां अगले 10 सालों तक पाकिस्तान की राजनीति और सुरक्षा को प्रभावित करेंगी। इससे नवाज शरीफ की राजनीतिक वापसी हो सकती है।


