भोपाल। ऐशबाग के सुदामा नगर में रेलवे से सेवानिवृत्त हेमंत फिलेमोन उर्फ हेमंत बारिक और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की दोहरे हत्याकांड की जांच अब गहन हो गई है। पुलिस ने जांच का फोकस बाहरी बदमाशों से हटाकर दंपती के करीबी लोगों पर केंद्रित कर दिया है।
संपत्ति के संभावित उत्तराधिकारी, रिश्तेदार, किरायेदार और नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों समेत करीब 20 लोगों की संदिग्ध सूची तैयार कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या किसी ऐसे व्यक्ति ने की है, जिसे दंपती की दिनचर्या, घर और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी थी।
एक किरायेदार बोला: अंकल-आंटी के झगड़े के बाद चली गोली, अगले दिन सिर्फ अंकल दिखे
हत्या का समय लगभग तय, बारिश बनी हत्यारे की ढाल
हेमंत और शकुंतला दोनों की दूसरी शादी थी, भतीजा कानूनन संपत्ति का हकदार
पुलिस की जांच में एक पहलू संपत्ति का मालिकाना हक भी है। हेमंत और शकुंतला दोनों की यह दूसरी शादी थी। वे पहले जीवनसाथियों को तलाक दे चुके थे। दोनों की कोई संतान नहीं थी। हेमंत के तीन भाई थे, जिनमें दो अविवाहित थे और एक भाई के दो बच्चे हैं, जिन्हें कानूनी उत्तराधिकारी बताया जा रहा है। इनमें मृदुल उर्फ सोनू नामक युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शनिवार से उससे थाने में पूछताछ कर रही है।
भतीजे को उत्तराधिकारी बनाना चाहती थीं शकुंतला
उधर, शकुंतला के मायके पक्ष ने पुलिस को बताया कि वह अपने भाई विनोद के छोटे बेटे वैभव को संपत्ति देना चाहती थीं। हालांकि 2020 में कार्डियक अरेस्ट से वैभव की मौत हो गई थी। इसके बाद दंपती अक्सर कहते थे कि जो हमारी सेवा करेगा, वही संपत्ति का हकदार होगा।
जांच अब संदिग्धों के बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के मिलान पर केंद्रित है। संदिग्धों और परिवार से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस की सात टीमें जांच में जुटी हैं। संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर