'डॉलर नहीं, युआन में वापस करो कर्ज', चीन से लोन लेकर फंसे अफ्रीकी देश, जानिए भारत पर असर
Updated on
13-07-2026 01:40 PM
नई दिल्ली: चीन दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में एक है। उसने पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देशों को खूब सारा कर्ज दे रखा है। कई अफ्रीकी देश भी उसके कर्ज के तले दबे हैं। अब चीन अपना कर्ज वापस चीनी मुद्रा युआन में मांग रहा है। दुनिया भर के व्यापार में अमेरिकी डॉलर के दबदबे को कम करने के लिए इसे चीन की नई चाल के रूप में देखा जा रहा है।
नाइजीरिया के एक अखबार के अनुसार, केन्या देश ने अपने चीनी कर्ज का एक हिस्सा डॉलर से बदलकर युआन में चुकाने का फैसला किया है। जानकार इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बड़े बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे देश अब डॉलर के चंगुल से निकलने के रास्ते ढूंढ रहे हैं। वहीं अगर भारत भी युआन में व्यापार करता है, तो इसके फायदे और नुकसान, दोनों दिखाई दे सकते हैं।
अफ्रीकी देशों के सामने आई मुसीबत
पिछले 20 सालों में अफ्रीकी देशों ने चीन से 150 से 180 अरब डॉलर का भारी-भरकम कर्ज लिया है। जब विश्व बैंक जैसी संस्थाएं कड़े नियम और शर्तें लगा रही थीं, तब चीन ने बिना किसी रोक-टोक के इन देशों को फटाफट और मोटा पैसा दे दिया। अंगोला, इथियोपिया, केन्या, मिस्र और नाइजीरिया जैसे देशों ने इस पैसे से रेलवे, हवाई अड्डे और बिजली के बांध तो बना लिए, लेकिन अब मुसीबत शुरू हो गई है।
असली संकट क्या है?
इन प्रोजेक्ट्स से उतनी कमाई नहीं हो रही है जितनी तेजी से चीन को किश्तें चुकानी हैं। अफ्रीकी सरकारें अपनी जनता से टैक्स तो वहां की स्थानीय मुद्रा में वसूलती हैं, लेकिन चीन को पैसा विदेशी करेंसी में देना होता है। जब भी उन देशों की अपनी करेंसी कमजोर होती है, तो कर्ज का बोझ अचानक कई गुना बढ़ जाता है। नतीजा यह है कि कमाई का बड़ा हिस्सा चीन की जेब में चला जाता है और वहां की सरकारों के पास जनता की पढ़ाई, इलाज और सुरक्षा के लिए पैसे नहीं बचते।
केन्या का फैसला: चालाकी या मजबूरी?
इस घाटे से बचने के लिए केन्या ने अपने कर्ज को डॉलर से हटाकर युआन में बदल लिया है ताकि डॉलर के उतार-चढ़ाव से बचा जा सके। कुछ लोग इसे समझदारी मान रहे हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि बात सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि प्रभाव की है। चीन रातों-रात डॉलर को खत्म नहीं करना चाहता, बल्कि वह डॉलर के बराबर अपनी एक अलग समानांतर व्यवस्था खड़ी कर रहा है।
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