डॉ. हसन ने सवाल उठाया कि महज कुछ देर की नमाज पर ही आपत्ति क्यों जताई जाती है? हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं। पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश और खासकर मुरादाबाद में पिछले दो साल से सड़कों पर नमाज नहीं हो रही है। अब ईदगाह के अंदर ही अलग-अलग शिफ्ट में नमाज अदा कराई जा रही है। हिंदू भाइयों के वोट ध्रुवीकरण के लिए और अपनी पीठ थपथपाने के लिए इस तरह के बयान दिए जाते हैं।
डॉ. हसन ने सवाल उठाया कि महज कुछ देर की नमाज पर ही आपत्ति क्यों जताई जाती है? हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं। पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश और खासकर मुरादाबाद में पिछले दो साल से सड़कों पर नमाज नहीं हो रही है। अब ईदगाह के अंदर ही अलग-अलग शिफ्ट में नमाज अदा कराई जा रही है। हिंदू भाइयों के वोट ध्रुवीकरण के लिए और अपनी पीठ थपथपाने के लिए इस तरह के बयान दिए जाते हैं।


